Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ 2 करोड़ की लागत से बनाई गई सड़क केवल आठ महीनों में ही धंसी
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

2 करोड़ की लागत से बनाई गई सड़क केवल आठ महीनों में ही धंसी

ऋषिकेश (Rishikesh)  में 2 करोड़ की लागत से बनाई गई सड़क केवल आठ महीनों में धंसनी शुरू हो गई हैं और आज रविवार को इस सड़क पर बड़ा हादसा होते-होते टला है।लोक निर्माण विभाग के द्वारा बनाई 2 करोड़ की सड़क एक साल भी नहीं टिक पाई । एम्स के लिए जाने वाली यह सड़क केवल 8 महीने में ही जगह-जगह से धंस गई है इसका नतीजाहै कि आज एक ट्रक बीच सड़क पर पलटते-पलटते बचा। गनीमतन यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

इसकी सूचना मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित विभाग के अधिकारियों की जमकर लताड़ लगाई। वीरभद्र रोड़ का निर्माण कार्य जिस दिन से शुरू हुआ, उसी दिन से यह सड़क चर्चाओं में बनी हुई है पहले दिन से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे और बनने के कुछ ही दिनों में यह उखड़ने भी लगी थी, लेकिन उस समय अधिकारियों ने मामले को ढ़काने की कोशिश की और सड़क को तुरंत ठीक कर दिया था।

सड़क धंसने की जानकारी मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने सड़क धंसने के मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी बुलाया गया. मौके पर पंहुचे लोक निर्माण विभाग के जेई उपेंद्र गोयल को सड़क की हालत दिखाकर सवाल-जवाब भी किए लेकिन अधिकारियों के पास सड़क कोई जवाब नहीं था. विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

यह भी देखें- उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे बंद, मलबा हटाने में जुटे सेना के बहादुर जवान

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...