Tuesday , 15 September 2026
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बिना पूर्व सूचना के हटाई सुरक्षा, ऋषि आश्रम के महंत का आरोप

न्यायालय के समक्ष सुरक्षा उपलब्ध कराये जाने हेतु याचिका समर्पित की गयी जिसमें 13 मई को शासकीय अधिवक्ता द्वारा उनको अंतरिम सुरक्षा प्रदान किये जाने की अण्डरटेकिंग दी गयी। उसके द्वारा एसएसपी के समक्ष 29 मई को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवेदन दिया गया था जिस पर उसने थाना राजपुर को उसको निजी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।

ऋषि आश्रम के महंत स्वामी भगवान सिंह ने कहा कि उनको बिना बताये दो दिन पूर्व उनकी सुरक्षा हटा दी गयी है जिससे वह काफी भयभीत हैं। मंगलवार को ओल्ड मसूरी रोड स्थित आश्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी भगवान सिंह ने बताया कि वह ऋषि आश्रम का सहस्वामी हैं उक्त सम्पत्ति में उनके साथ स्वामी जगदीश हरि भी सहस्वामी हैं इस सम्पत्ति मूल रूप से जगदीश हरी, अवतार हरी, अमरजीत हरि द्वारा वर्ष 1967 में खरीदी की गयी थी।

अवतार हरी का देहान्त वर्ष 2001 में हो गया था व तत्पश्चात उनका हिस्सा जगदीश हरी व अवतार हरी को प्राप्त हुआ था। अमरजीत हरि का देहान्त वर्ष 2009 में हो गया था। उनके देहान्त के उपरान्त उक्त सम्पत्ति में उनका हिस्सा उनकी अंतिम वसीयत के आधार पर उनको प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि सरकार के एक दर्जाधारी मंत्री जगदीश हरी के साथ मिलकर उनकी सम्पत्ति हडपने के दृष्टिगत उसको सम्पत्ति को खाली करने के लिए धमकाया जा रहा है। उसके द्वारा निरन्तर पुलिस के उच्च अधिकारियों व शासन प्रशासन में शिकायत कर उचित कार्यवाही करने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु गुहार लगायी गयी थी परन्तु उपरोक्त व्यक्तियों ने अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए उसके विरूद्ध एक झूठा मुकदमा थाना राजपुर में दर्ज कराया गया। तथा सम्पत्ति रिक्त न करने के कारण उस पर कई अन्य मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जाने लगी।

स्वामी भगवान सिंह ने बताया कि उनके द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष सुरक्षा उपलब्ध कराये जाने हेतु याचिका समर्पित की गयी जिसमें 13 मई को शासकीय अधिवक्ता द्वारा उनको अंतरिम सुरक्षा प्रदान किये जाने की अण्डरटेकिंग दी गयी। उसके द्वारा एसएसपी के समक्ष 29 मई को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवेदन दिया गया था जिस पर उसने थाना राजपुर को उसको निजी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।

पिछले दो दिनों से थाने द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उसकी सुरक्षा वापस ले ली गयी है जिसके चलते उसकी सुरक्षा का भय बना हुआ है तथा उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना है। उन्होंने कहा कि अनेको शिकायत के उपरान्त भी दर्जाधारी मंत्री व उसके गुर्गाे के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही हो रही है।

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Hill Mail

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