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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर पहाड़ के इस सपूत पर ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का ज़िम्मा सौंपा है । बद्रीनाथ मंदिर के आसपास के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के उन्नयन के मास्टर प्लान के अनुसार मंदिर को तीन चरणों में आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित किया जाना है।
READ MOREसूर्यधार झील आने वाले समय में वन्य जीवन प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। झील में वोटिंग के साथ साथ बर्ड वाचिंग और ट्रेकिंग का भी आनंद लिया जा सकेगा। भोगपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस झील को लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में तैयार किया गया है।
READ MOREसूर्यधार झील से क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे लगभग 18 गांवों को सिंचाई और 19 गांवों को पेयजल मिलेगा जो पूरी तरह से ग्रैविटी आधारित होगी। इस क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल और खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता न होने की समस्या रही है। इसी दिक्कत को समझते हुए मुख्यमंत्री ने सूर्यधार में झील बनाने का ऐलान किया था।
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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर पहाड़ के इस सपूत पर ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का ज़िम्मा सौंपा है । बद्रीनाथ मंदिर के आसपास के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के उन्नयन के मास्टर प्लान के अनुसार मंदिर को तीन चरणों में आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित किया जाना है।
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सूर्यधार झील आने वाले समय में वन्य जीवन प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। झील में वोटिंग के साथ साथ बर्ड वाचिंग और ट्रेकिंग का भी आनंद लिया जा सकेगा। भोगपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस झील को लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में तैयार किया गया है।
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