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चमोली जिले के तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रोप्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाले जाने की उम्मीद एक हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बाद अब खत्म होती जा रही हैं। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे जवाने और कर्मचारियों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। उनकी पूरी कोशिश है कि आखिरी छोर तक पहुंचा जाए और शायद कोई चमत्कार हो और बाकी लापता लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
READ MOREगढ़वाल स्काउट के जवान प्राकृतिक आपदाओं और विषम परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते समझते हैं। यही वजह है कि चाहे बाढ़ राहत कार्य हों या फिर भूस्खलन-हिमस्खलन से उपजे गंभीर हालात, गढ़वाल स्काउट के जवान हर आपदा में खुद को साबित करते रहे हैं। पहाड़ के लोग इन्हें देवदूत कहते हैं।
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चमोली जिले के तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रोप्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाले जाने की उम्मीद एक हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बाद अब खत्म होती जा रही हैं। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे जवाने और कर्मचारियों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। उनकी पूरी कोशिश है कि आखिरी छोर तक पहुंचा जाए और शायद कोई चमत्कार हो और बाकी लापता लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
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गढ़वाल स्काउट के जवान प्राकृतिक आपदाओं और विषम परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते समझते हैं। यही वजह है कि चाहे बाढ़ राहत कार्य हों या फिर भूस्खलन-हिमस्खलन से उपजे गंभीर हालात, गढ़वाल स्काउट के जवान हर आपदा में खुद को साबित करते रहे हैं। पहाड़ के लोग इन्हें देवदूत कहते हैं।
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