Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून ‘चार काम’ बनाम ‘ 25 काम’: भाजपा के विजन डाॅक्यूमेंट में पूर्व सैनिकों, महिलाओं और मेडिकल सेवाओं पर फोकस
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़जनादेश 2022

‘चार काम’ बनाम ‘ 25 काम’: भाजपा के विजन डाॅक्यूमेंट में पूर्व सैनिकों, महिलाओं और मेडिकल सेवाओं पर फोकस

उत्तराखंड चुनाव से पहले आज भारतीय जनता पार्टी (Uttarakhand BJP) ने अपना 'दृष्टि पत्र 25 संकल्प 2022' जारी कर दिया। 16 पेज के अपने इस संकल्प पत्र में भाजपा ने नारा दिया है- किया है, करती है, करेगी सिर्फ भाजपा। इस संकल्प पत्र में भाजपा ने सुरक्षित देवभूमि, पूर्व सैनिक कल्याण, कृषि, भाषा एवं संस्कृति पर फोकस किया है।

उत्तराखंड भाजपा के संकल्प पत्र की बड़ी बातें

  • सीमा प्रहरी योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों और युवाओं को सीमावर्ती जिलों में बसने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। पूर्व सैनिकों को आसान कर्ज देने के लिए जनरल बिपिन सिंह रावत पूर्व सैनिक क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के अंतर्गत 500000 रुपये तक के ऋण पर 50ः तक गारंटी कवर दिया जाएगा।
  • पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से दिए गए 6000 रुपये के अतिरिक्त किसानों को 2000 रुपये की राशि प्रतिवर्ष प्रदान करने के लिए सीएम किसान प्रोत्साहन निधि बनाई जाएगी।
  • हर गांव में एक संग्रह केंद्र के साथ प्रत्येक ब्लॉक में डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपए की कोशिश निधि का गठन किया जाएगा।
  • उत्तराखंड ऑर्गेनिक्स ब्रांड बनाएंगे जिसके आउटलेट राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल और अन्य राज्य की राजधानियों में स्थापित किए जाएंगे। चार धाम सर्किट के सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा गढ़वाल के चार धाम जैसी ही कुमाऊनी प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानस कट मंदिर माला मिशन को शुरू किया जाएगा।
  • सभी गरीब घर में 1 साल में 3 फ्री एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। निर्धन परिवारों की महिला मुखिया ओं को वित्तीय मदद दी जाएगी।
  • राज्य के हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल सीटों की क्षमता में 30ः की वृद्धि होगी। कुमाऊं में एम्स को एक सेटेलाइट केंद्र स्थापित किया जाएगा। और आवश्यक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

आपको बता दें कि उत्तराखंड में कांग्रेस ने वादा किया है कि सरकार बनने पर घोषणा पत्र के तहत श्चार धाम, चार कामश् पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए अलग विभाग बनाने और इसका जिम्मा कैबिनेट मंत्री को देने की बात कही गई है।

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र: सियासी घमासान के बीच जन मुद्दे रहे पीछे, आठ घंटे चार मिनट चली कार्यवाही

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में...

उत्तराखंड के अनुपूरक बजट में ₹7,844 करोड़ का प्रावधान, कुंभ से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में बुनियादी सुविधाओं,...

उत्तराखंड में अब गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में भी प्रसारित होगी ‘मन की बात’

उत्तराखंड की लोकभाषाओं, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में...