Saturday , 5 September 2026
Home एक्सक्लूसिव CM उत्तराखंड के आर्थिक सलाहकार ने बताया कृषि और लौट आए लोगों के रोजगार पर रहेगा फोकस
एक्सक्लूसिव

CM उत्तराखंड के आर्थिक सलाहकार ने बताया कृषि और लौट आए लोगों के रोजगार पर रहेगा फोकस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट (Alok Bhatt) ने कहा है कि जिस तरह से उत्तराखंड की आपदा के बाद राज्य को फिर से खड़ा किया गया, उसी तरह से कोरोना संकट भी एक और अवसर है। हालांकि इस बार आर्थिक नुकसान हुआ है। सबसे पहले हमें अपनी ताकत और कमजोरी को समझना होगा, ये देखना होगा कि हमारे लिए अवसर और चुनौतियां क्या हैं।

उन्होंने कहा कि पैकेज में हमें देखना होगा कि केंद्र की योजनाओं को कैसे हम बेहतर तरीके से संचालित कर सकें। सरकार मछली पालन को काफी बढ़ावा दे रही है, जिसमें काफी काम हो सकता है। कृषि से ही जुड़े मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्र में संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अभी फोकस यह होना चाहिए कि हमारे लोग जो लौट आए हैं उन्हें रोजगार कैसे दिया जाए।

पढ़ें- ई-रैबार में शौर्य डोभाल ने बताया, पैकेज का कैसे इस्तेमाल करे उत्तराखंड

जो लोग लौटे हैं उनमें एक वर्ग को अच्छी सैलरी मिल रही है, जो कंपनियां शुरू होने पर वापस चले जाएंगे। दूसरा समूह उन लोगों का है जो 5 से 10 हजार रुपये कमाते हैं और उन्हें समझाया जा सकता है कि यहां भी मौके मिल सकते हैं। आलोक भट्ट ने कहा कि हमें रणनीति नए सिरे से बनानी होगी। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि दूसरे किसी पहाड़ी क्षेत्र में जाएंगे तो वहां स्थानीय गाड़ियां यात्रा में लगती हैं लेकिन उत्तराखंड में ऐसा नहीं है। यहां दिल्ली से ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कर ली जाती है।

पढ़ें- पहाड़ों में भी पहुंचने लगा कोरोना, बढ़ी टेंशन

भट्ट ने कहा कि मनरेगा में काफी फंड आया है। इसमें देखना होगा कि प्रोडक्टिव एसेट कैसे तैयार हो। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए राज्य में चाल-खाल बनती थी। अब मनरेगा से उसे बनाया जा सकता है, जिससे रोजगार भी मिल सकता है और उसका उपयोग भी काफी है। शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म के हिसाब से रणनीति बनानी होगी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles