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वाह उत्तराखंड पुलिस ! कोई प्रवासी मजदूरों के बच्चों को पढ़ा रहा, किसी ने दिया बर्थडे सरप्राइज

कोरोना वायरस के इस मुश्किल दौर में बड़ा हो या छोटा, अमीर हो या गरीब हर कोई प्रभावित हुआ है। हालांकि गरीबों के सामने मुश्किलें ज्यादा बढ़ गई हैं। रोज कमाकर खाने वाले कामगारों के लिए तो अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करना भारी पड़ रहा है। ऐसे में देश के कोने-कोने में दानवीर उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। कोई बस्तियों में जाकर खाने के सामान बांटता है तो कोई एनजीओ को मदद कर रहा है जिससे कोई गरीब भूखा न सोए। इन सबके बीच पुलिस का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है।

उत्तराखंड पुलिस के जवान न सिर्फ लोगों को जागरूक करने के साथ कोरोना को फैलने से रोकने की मुहिम में जुटे हैं बल्कि वे गरीबों के खाने-पीने, दवाई यहां तक कि कामगारों के बच्चों को पढ़ा भी रहे हैं। जी हां, चंपावत के बनबसा की यह तस्वीर देख आपका इन योद्धाओं के प्रति सम्मान और भी बढ़ जाएगा।

यहां राहत शिविर में प्रवासी मजदूर ठहराए गए हैं। उन्हें खाने-पीने की व्यव्था की गई है पर लॉकडाउन में उनके बच्चे स्कूल से दूर हैं। उनके पास पढ़ाई-लिखाई के साधन भी नहीं है कि वे शिविर में रहते हुए पढ़ सकें। ऐसे में वहां ड्यूटी पर तैनात उत्तराखंड पुलिस की महिला कांस्टेबल कमला चौहान ने इन बच्चों के लिए कुछ करने का फैसला किया।

वह रोजाना इन बच्चों को पढ़ाती हैं और अपने खर्च से कॉपी, पेंसिल सहित अन्य पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराती हैं। #HumanityFirst के संकल्प के साथ उत्तराखंड पुलिस जी जान से बेसहारा और गरीबों के साथ खड़ी हैं। यह किसी एक जगह की कहानी नहीं है।

यह भी देखें – उत्तराखंड पुलिस की कोरोना फाइटर्स, किसी ने दिया खून तो किसी ने रोक दी शादी

हरिद्वार में बच्चे को दिया केक का सरप्राइज

 

हरिद्वार के गंगनहर में सन्नी कौशिक का बर्थडे था। लॉकडाउन में केक कहां से आता। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बच्चे को सरप्राइज दिया। 5 साल के बच्चे ने पुलिसकर्मियों के साथ खुशी से केक काटा। पुलिस के जवान इस तरह से बच्चों के साथ खुशियां बांट रहे हैं।

https://twitter.com/uttarakhandcops/status/1251405524148477960?s=20

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Hill Mail

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