मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित गोविन्द बल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन, गोमती तट, लखनऊ में आयोजित उत्तराखंड महोत्सव के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पदम् पुरस्कारों से सम्मानित प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी तथा सामाजिक कार्यों में विशेष योगदान के लिए ब्रज प्रान्त प्रचारक डॉ. हरीश रौतेला को ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ से विभूषित किया। डॉ. हरीश रौतेला का सम्मान उनके प्रतिनिधि श्री प्रमोद रौतेला ने ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. हरीश रौतेला बड़े की सरल स्वभाव के हैं और वह लगातार प्र्यावरण को सुरक्षित रखने और प्रदूषण मुक्त भारत के स्वप्न को साकार करने में लगे हुए हैं।
उत्तराखंड परिषद की ओर से लखनऊ में आयोजित 10 दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह पुरूस्कार प्रदान किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पर्यावरण, लोक भाषाओं, बोलियों, लोकगाथाओं, लोक परम्पराओं के संरक्षण और सुरक्षा का प्रयास हम सभी देशवासियों का उत्तरदायित्व है। उन्होंने रक्षा सेवाओं में उत्तराखंड के युवाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड से निकली नदियों का पावन जल पेयजल और सिंचाई के रूप में प्यास बुझाने और अन्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए पर्यावरण और नदियों के संरक्षण का कार्य वृहद् स्तर पर किये जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड महोत्सव के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देेते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव सामाजिक व सांस्कृतिक एकता को उजागर करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड महापरिषद ने साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्रों सहित पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य किया है, जिसे और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की अच्छाइयों को प्रचारित-प्रसारित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 9 नवम्बर, 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था। तब से लेकर अब तक 21 वर्षों की यात्रा में इस राज्य ने प्रगति और विकास के नये आयाम तय किये हैं।




Leave a comment