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गांव में एक भी ओबीसी मतदाता नहीं और डांगी ग्राम की सीट कर दी ओबीसी रिजर्व

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने क्षेत्रीय सामाजिक संरचना को नज़रअंदाज़ कर आरक्षण लागू किया गया है, जो ग्रामवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम प्रधान पद का आरक्षण तत्काल प्रभाव से बदला जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सके।

प्रधानपद के लिए एक भी नामांकन नहीं हो सकता
पौड़ी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकांश प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। पौड़ी गढ़वाल जिले में कल्जीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत डांगी में आरक्षण की वजह से ग्रामीणों के सामने एक अलग की मुश्किल खड़ी हो गई है।
दरअसल, ग्राम प्रधान पद को इस बार ओबीसी महिला आरक्षण के अंतर्गत रखा गया है, लेकिन समस्या ये है कि ग्राम डांगी में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कोई भी मतदाता या नागरिक मौजूद नहीं हैं। इस विसंगति के कारण ग्राम प्रधान पद के लिए एक भी नामांकन दाखिल नहीं हो पाया है। अब नाराज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरक्षण में सुधार की मांग की है।
साथ ही ग्राणीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया, तो वे आगामी पंचायत चुनावों में क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।
दरअसल, इस बार ग्राम पंचायत डांगी में ग्राम प्रधान की सीट को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) महिला के लिए आरक्षित किया गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम डांगी में ओबीसी वर्ग का कोई भी प्रमाणित व्यक्ति ही नहीं है। ग्रामीणों ने पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वर्ष 2015 से अब तक ग्राम में ओबीसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राम प्रधान पद को ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया जाना पूरी तरह से अनुचित और नियमों के विरुद्ध है।
समाजसेवी जगमोहन डांगी ने बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रमाण पत्र न बनने के कारण न तो कोई पात्र उम्मीदवार सामने आ सका और न ही ग्राम प्रधान पद के लिए एक भी नामांकन दाखिल हो पाया है। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने इस स्थिति से नाराज होकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के बहिष्कार का ऐलान भी कर दिया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि ग्रामीणों के उठाए गए मुद्दे को लेकर शासन को मार्गदर्शन के लिए पत्र भेजा जाएगा। जैसे ही शासन से निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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