जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। ऐसे में यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि यात्रा पर निकलने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही यात्रा करें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
डीएम ने बताया कि यात्रा के दौरान यात्रियों को रेनकोट, छाता, गर्म कपड़े, आवश्यक दवाइयां और अन्य जरूरी सामान अपने साथ रखना चाहिए, ताकि अचानक मौसम खराब होने पर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई स्थान भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। ऐसे क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थान पर भारी बारिश, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक कारणों से यात्रा को अस्थायी रूप से रोका जाता है या यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर प्रतीक्षा करने के निर्देश दिए जाते हैं, तो श्रद्धालु धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही ऐसे निर्णय लिए जाते हैं।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना की पुष्टि केवल जिला प्रशासन, पुलिस या संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक जानकारी से ही करें। अफवाहों पर विश्वास करने से अनावश्यक भ्रम और परेशानी पैदा हो सकती है।
मानसून के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि जनपद की सभी प्रमुख नदियों, गाड़-गदेरों और जलधाराओं के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा की मात्रा पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर जनहानि और नुकसान को न्यूनतम रखा जाए।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे निर्धारित यात्रा मार्ग का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें।
जिला प्रशासन का कहना है कि मौसम की चुनौती के बावजूद केदारनाथ धाम यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। यदि श्रद्धालु प्रशासन की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे तो उनकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सफल रहेगी। प्रशासन ने सभी यात्रियों से संयम, सतर्कता और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा ही सबसे पहली प्राथमिकता है।




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