उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम, ब्रह्मकपाल में भगवान नारायण का सोना जड़ित मणि मुकुट चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चमोली पुलिस ने इस सनसनीखेज चोरी के आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से लगभग पांच लाख रुपये मूल्य का सोना जड़ित मुकुट, चोरी की गई नकदी और घटना में प्रयुक्त बैग बरामद कर लिया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती निवासी राघवराम पाठक उर्फ बाबा राघवदास (57) के रूप में हुई है, जो आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए शरण लेकर रह रहा था।
पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि 27 जुलाई को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम के ब्रह्मचारी भगवत दास ने थाना बदरीनाथ में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 24 जुलाई को आश्रम के मंदिर से भगवान नारायण का लगभग पांच लाख रुपये मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी हो गया। इसके साथ ही आश्रम में ठहरे प्रभुदास के बैग से 4,500 रुपये नकद भी गायब मिले। शिकायतकर्ता ने आश्रम में कुछ समय से रह रहे बाबा राघवदास पर संदेह जताया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदरीनाथ पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने आश्रम और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ करने के साथ ही संदिग्ध की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी। लगातार की जा रही जांच और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद 29 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बद्रीश गंगा वाटिका गेट, हनुमानचट्टी रोड के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने भगवान नारायण के मंदिर से सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी किया था। साथ ही आश्रम में ठहरे प्रभुदास के बैग से 4,500 रुपये नकद भी चुरा लिए थे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया मुकुट, नकदी और घटना में इस्तेमाल किया गया काला बैग बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के मुनीमपुर, थाना भिनगा का निवासी है। वह धार्मिक गतिविधियों और भजन-कीर्तन का सहारा लेकर आश्रम में रुका था, लेकिन विश्वास का फायदा उठाते हुए उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से वह फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदलने की कोशिश कर रहा था।
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है।
इस घटना के खुलासे के बाद आश्रम प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों की पहचान और सत्यापन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने भी आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, जिससे समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।








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