भारतीय तटरक्षक बल की टीम ने 7 अक्टूबर 2026 को 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट का सफलतापूर्वक आरोहण किया। यह अभियान दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई) के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले तटरक्षक बल के जवानों के लिए हिमालय की दुर्गम चोटियों पर पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता टीम की कठिन प्रशिक्षण प्रक्रिया, बेहतर समन्वय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने की क्षमता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां देश का गौरव बढ़ाती हैं। पर्वतारोहण के दौरान प्रदर्शित साहस, अनुशासन और सामूहिक प्रयास युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने टीम की उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव और कठिन परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला ने भी अभियान की सफलता पर पर्वतारोहियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने टीम के मानसिक धैर्य, शारीरिक मजबूती और आपसी तालमेल की सराहना की। हिमालय की ऊंची चोटियों पर मौसम में अचानक बदलाव, कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहियों के सामने बड़ी चुनौतियां पेश करती हैं। ऐसे हालात में टीम का सफलतापूर्वक शिखर तक पहुंचना उसके प्रशिक्षण और तैयारी को दर्शाता है।
माउंट मुकुट अभियान की शुरुआत 15 सितंबर 2026 को हुई थी। अभियान के दौरान टीम ने निर्धारित चरणों में आगे बढ़ते हुए 1 अक्टूबर को बेस कैंप-1 स्थापित किया। इसके बाद पर्वतारोहियों ने प्रतिकूल मौसम और दुर्गम रास्तों का सामना करते हुए शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया। इस अभियान से टीम को ऊंचाई पर पर्वतारोहण, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और सामूहिक रूप से चुनौतियों का सामना करने का महत्वपूर्ण अनुभव मिला।
यह अभियान भारतीय तटरक्षक बल के लिए केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य के एक बड़े लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है। माउंट मुकुट अभियान 18 महीने के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां और अंतिम चरण था। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर माउंट एवरेस्ट का आरोहण करना है।
माउंट मुकुट पर मिली सफलता से टीम को एवरेस्ट अभियान की अंतिम तैयारियों में मदद मिलेगी। इस दौरान हासिल अनुभव, तकनीकी जानकारी और कठिन परिस्थितियों से निपटने की सीख आगामी अभियान में उपयोगी साबित होगी। भारतीय तटरक्षक बल का यह प्रयास समुद्री सुरक्षा से आगे बढ़कर साहसिक गतिविधियों और राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी नई उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




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