Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तरकाशी आपदा के बाद हर्षिल और गंगोत्री से किया गया सैकड़ों यात्रियों का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
उत्तराखंड न्यूज़उत्तरकाशीताज़ा ख़बरसरोकार

उत्तरकाशी आपदा के बाद हर्षिल और गंगोत्री से किया गया सैकड़ों यात्रियों का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। विशेष रूप से हर्षिल और गंगोत्री क्षेत्र में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन, सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तीव्र गति से कार्य किया है।

उत्तरकाशी में आई आपदा के बावजूद सरकार और राहत एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के कारण अब तक सैकड़ों तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव के अनुसार, अब तक 274 यात्रियों को गंगोत्री एवं आसपास के क्षेत्रों से रेस्क्यू कर हर्षिल लाया गया है, जहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये यात्री देश के विभिन्न हिस्सों से चारधाम यात्रा पर आए थे। यात्रियों की राज्यवार संख्या इस प्रकार है:

गुजरात – 131
महाराष्ट्र – 123
मध्य प्रदेश – 21
उत्तर प्रदेश – 12
राजस्थान – 6
दिल्ली – 7
असम – 5
कर्नाटक – 5
तेलंगाना – 3
पंजाब – 1

प्रशासन ने इन यात्रियों को प्राथमिक राहत और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है, और उन्हें सुरक्षित रूप से उत्तरकाशी तथा देहरादून भेजने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक की प्रमुख उपलब्धियां:

  • आज तक कुल 135 यात्रियों को हर्षिल से निकालकर सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा चुका है।
  • इनमें से 100 यात्रियों को उत्तरकाशी पहुंचाया गया है।
  • वहीं, 35 यात्रियों को देहरादून भेजा गया है।
  • राहत और बचाव में समर्पित प्रयास

रेस्क्यू ऑपरेशन में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस), एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल), और अन्य एजेंसियां पूर्ण समर्पण और तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं। वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से दुर्गम और कटे हुए इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, तथा जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और रेस्क्यू कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि हर प्रभावित व्यक्ति को त्वरित सहायता, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षित आवास सुनिश्चित कराया जाए।

आगे की चुनौतियां

हर्षिल और गंगोत्री के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़क मार्गों के टूटने से पहुंच बाधित हुई है। हालांकि, सड़क बहाली और ट्रैकिंग रूट्स को सुरक्षित बनाने के लिए पीडब्लूडी और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की टीमें भी सक्रिय हैं।

उत्तरकाशी में आई आपदा के बावजूद सरकार और राहत एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के कारण अब तक सैकड़ों तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। आने वाले दिनों में शेष फंसे यात्रियों को निकालने, सड़क संपर्क बहाल करने और जनजीवन को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...