सेना की एयर डिफेंस कोर के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल नव के खंडूरी को चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान का कमांडर नियुक्त किया है। पहली बार सेना की डिफेंस कोर के अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है।
पाकिस्तान से सटी सीमा की जिम्मेदारी पश्चिमी कमान के पास होती है और इसके जिम्मे जम्मू सेक्टर से पंजाब तक का कुछ हिस्सा भी है। लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह की जगह लेंगे। वह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी इससे पहले वह सुकना स्थित त्रिशक्ति कोर के कमांडर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशनल लॉजिस्टिक और रणनीतिक प्रबंधन महानिदेशक की जिम्मेदारी भी निभाई है।
लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पुणे के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से ग्रेजुएशन के बाद साल 1983 में सेना की एयर डिफेंस विंग में दिसंबर 1983 में कमीशन लिया।
हिल-मेल ने दिया ‘हिल-रत्न’

सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कुछ समय पहले नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हिल-मेल फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित सम्मान हिल-रत्न से लेफ्टिनेंट जनरल नव के. खंडूरी को सम्मानित किया था।
सैन्य प्रतिष्ठानों में अहम जिम्मेदारी निभा रहे देवभूमि के सपूत
सैन्य प्रतिष्ठानों में देवभूमि के सपूत अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। जहां जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ का जिम्मा संभाल रहे हैं, वहीं सेना की मध्य कमान की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी के पास है। वहीं अब पश्चिमी कमान की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जरल नव के खंडूरी को दी गई है।


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