जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार तड़के करीब तीन बजे की है। सिंहधार वार्ड निवासी बिन्देश कुमार (37) की गोशाला से मवेशियों के आवाज करने की आवाज आई। इसके बाद बिन्देश कुमार और उनकी मां गोशाला की ओर गए। वहां पहले से मौजूद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मदद के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन भालू ने उन पर भी झपट्टा मार दिया।
इस घटना में परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। परिवार के सदस्यों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को मौके से भगाया। इसके बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजने की सलाह दी।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत
भालू के हमले के बाद सिंहधार वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ने से रोजमर्रा के काम करना भी जोखिम भरा होता जा रहा है। सुबह और रात के समय घरों से बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधिकारियों और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर नहीं पहुंची। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
लोगों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीम की तत्काल तैनाती की जाए और भालू की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत जताई गई है।
वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता बनी चुनौती
चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही और हमलों की घटनाएं स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग के सामने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने तथा ग्रामीणों और नगरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




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