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उत्तराखंड की नदियाँ अवैध खनन के कारण भीतर से खोखली होती जा रही हैं। नदी तल से छेड़छाड़ ने बाढ़, भूस्खलन और गाँवों की असुरक्षा को बढ़ा दिया है। केदारनाथ से जोशीमठ तक की आपदाएँ चेतावनी हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य को संकट में डाल रहा है।
READ MOREलेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा के लिए तीन सितारा रैंक शक्ति नहीं, जिम्मेदारी है। असम राइफल्स के डीजी के रूप में उन्होंने सुरक्षा को मानवीय और भरोसेमंद बनाया। आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनका नेतृत्व संतुलन, संवाद और विश्वास पर आधारित रहा, जिसने सैनिकों और नागरिकों दोनों का भरोसा जीता।
READ MORE30 साल पैरा SF में सेवा के बाद कमांडो हीरा सिंह पटवाल अल्मोड़ा के अपने गांव लौटे। बंजर ज़मीन को खेती में बदला, पशुपालन शुरू किया और आत्मनिर्भरता की मिसाल बने। वे युवाओं को गांव लौटने, खेती अपनाने और पहाड़ बचाने का संदेश दे रहे हैं।
READ MOREप्रो. (डॉ.) महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट ने विज्ञान को समाज और प्रकृति की सेवा का माध्यम बनाया। हिमालय को जीवित तंत्र मानते हुए उन्होंने भूस्खलन, ग्लेशियर, आपदाओं और विकास के प्रभावों पर निर्भीक वैज्ञानिक दृष्टि दी। उनका जीवन सच्चे वैज्ञानिक की मिसाल है।
READ MOREगंगोत्री धाम में भीषण ठंड के चलते भागीरथी नदी पूरी तरह जम गई है। क्षेत्र में तापमान माइनस 11 से माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। साफ मौसम के बावजूद ठंड बढ़ती जा रही है। वन विभाग शीतकाल में दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त कर रहा है।
READ MOREदेहरादून में सड़क खुदाई को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब रात में खुदाई करने पर सुबह तक सड़क भरकर चलने लायक बनाना अनिवार्य होगा। 10 विभागों के 85 कार्यों को सशर्त अनुमति दी गई है। नियम तोड़ने पर एफआईआर तक की कार्रवाई हो सकती है।
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उत्तराखंड की नदियाँ अवैध खनन के कारण भीतर से खोखली होती जा रही हैं। नदी तल से छेड़छाड़ ने बाढ़, भूस्खलन और गाँवों की असुरक्षा को बढ़ा दिया है। केदारनाथ से जोशीमठ तक की आपदाएँ चेतावनी हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य को संकट में डाल रहा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा के लिए तीन सितारा रैंक शक्ति नहीं, जिम्मेदारी है। असम राइफल्स के डीजी के रूप में उन्होंने सुरक्षा को मानवीय और भरोसेमंद बनाया। आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनका नेतृत्व संतुलन, संवाद और विश्वास पर आधारित रहा, जिसने सैनिकों और नागरिकों दोनों का भरोसा जीता।
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