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पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने अपनी जीवन-यात्रा और भारतीय न्यायपालिका की चुनौतियों पर प्रकाश ड़ाला। कानून में रुचि जगाने वाले साहित्य से लेकर सुप्रीम कोर्ट की अवसंरचना की वास्तविकताओं तक उन्होंने हर पहलू को बेबाकी से रखा। अदालतों में तकनीक, सरल भाषा और महिलाओं की सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे आज भी सुधार की प्रतीक्षा में हैं।
READ MOREदेहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का पहला दिन दून इंटरनेशनल स्कूल में ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, शोभा थरूर, रूपा पाई, दिव्य प्रकाश दुबे जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने चर्चाओं को और रोचक बनाया है। कई महत्वपूर्ण सत्र लगातार हो रहे हैं और दर्शकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है।
READ MOREदेश की आस्था से जुड़े तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू प्रसाद में मिलावट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि उत्तराखंड के भगवानपुर की एक डेयरी ने बिना दूध खरीदे ही 68 लाख किलो नकली घी तैयार कर 250 करोड़ रुपये की आपूर्ति की। यह घी वर्षों तक तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होता रहा।
READ MOREलोकसभा ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के प्रावधानों में संशोधन के लिए वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत संशोधनों को स्वीकार करते हुए वित्त विधेयक 2025 मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही 2025-26 के बजट को पारित करने की प्रक्रिया पर सदन की मोहर लग गई है। वित्त विधेयक को अब चर्चा तथा वापसी के लिए राज्यसभा में भेजा जाएगा जहां उस पर मात्र औपचारिक चर्चा की जाएगी।
READ MOREदिहुली गांव के पीड़ित कहते हैं कि 44 साल में तो उनके आंसू भी सूख गए हैं। देश को झकझोर देने वाले दिहुली हत्याकांड को अंजाम देने वाले राधे-संतोषा गिरोह ने 24 दलितों की हत्या सिर्फ इसलिए की थी क्योंकि इस गिरोह से पुलिस से हुई एक मुठभेड़ में इस गांव के लोगों को पुलिस ने गवाह बनाया था।
READ MOREबीएलए प्रवक्ता ने कहा यह लड़ाई अब पाकिस्तानी के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। हर टकराव में दुश्मन की हार अपरिहार्य है और बीएलए इस युद्ध को अपनी शर्तों पर तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाने के लिए पूरी ताकत से लड़ रहा है।
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उत्तराखंड की नदियाँ अवैध खनन के कारण भीतर से खोखली होती जा रही हैं। नदी तल से छेड़छाड़ ने बाढ़, भूस्खलन और गाँवों की असुरक्षा को बढ़ा दिया है। केदारनाथ से जोशीमठ तक की आपदाएँ चेतावनी हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य को संकट में डाल रहा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा के लिए तीन सितारा रैंक शक्ति नहीं, जिम्मेदारी है। असम राइफल्स के डीजी के रूप में उन्होंने सुरक्षा को मानवीय और भरोसेमंद बनाया। आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनका नेतृत्व संतुलन, संवाद और विश्वास पर आधारित रहा, जिसने सैनिकों और नागरिकों दोनों का भरोसा जीता।
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