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नई दिल्ली में हिल मेल फाउंडेशन द्वारा आयोजित ’रैबार 2022 “विजन फॉर न्यू उत्तराखण्ड 2030“ वैचारिक मंथन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मनजीत नेगी द्वारा लिखित ’महायोद्धा की महागाथा’ पुस्तक का विमोचन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, सांसद अनिल बलूनी, चीफ ऑफ डिफेंस जनरल अनिल चौहान, उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डीजी इंडियन स्पेस एसोसिएशन लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट और प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी, एडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह, डॉ मनमोहन सिंह चौहान सहित कई शख्सियतों ने शिकरत की।
READ MOREआकाश एयर फोर्स मेस, नई दिल्ली में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप उनके व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘महायोद्धा की महागाथा’ का लोकार्पण हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं विशिष्ट अतिथि वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे, एयर मार्शल संदीप सिंह और एयर मार्शल बी आर कृष्णा तथा जनरल रावत की सुपुत्री तारिणी रावत उपस्थित थे।
READ MOREजब मन में कुछ कर गुजरने की ठान ली जाए तो कोई भी विषम परिस्थिति क्यों न हो काम अपने आप ही बनते जाते हैं और यह काम कर दिखाया है पूर्व सैनिक नरेंद्र सिंह बडवाल ने। उन्होंने बद्रीनाथ धाम के माणा गांव में जो कि देश की सीमा पर बसा आखिरी गांव है। उन्होंने पहले यहां पर पहले चाय और कॉफी की दुकान शुरू की और उसके बाद अब लोकल जड़ी बूटी से बना टमाटर का सूप पिलाकर यहां आ रहे पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
READ MOREआज ग्राम डुमक जो कि जोशीमठ विकासखंड का सुदूरवर्ती गांव है वह आज भी सड़क एवं दूरसंचार से कोसों दूर है। आजकल यहां भारी संख्या में पर्यटक भगवान रुद्रनाथ के दर्शन के लिए आते है।
READ MOREडॉ. रौतेला बचपन से ही भारतीय सेना में ऑफिसर बनकर अपने देश की सेवा करना चाहते थे परन्तु उनके भाग्य ने साथ नहीं दिया और सन् 1972-73 में फुटबॉल खेलते समय गिरने से उनके दाहिने पांव के कुल्हे की हड्डी में चोट लगने के कारण उनका दाहिना पैर करीब 1 से 1.5 सेमी छोटा होने साथ-साथ दाहिने कुल्हे की गति में कमी आ गयी और वह शारीरिक अपूर्णता की श्रेणी में आ गए। सन् 1979 में सी.पी.एम.टी. (उ.प्र.) की परीक्षा के द्वारा चयनित होकर मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज, इलाहबाद में एमबीबीएस में प्रवेश लिया।
READ MOREद्वाराहाट से लगभग 10-11 कि.मी. की दूरी पर नागार्जुन (नगार्झण) गांव में स्थित श्री नागार्जुन देव का प्राचीन विष्णु मंदिर उत्तराखंड के उन प्राचीन ऐतिहासिक मंदिरों में परिगणित है, जिसका उल्लेख स्कंदपुराणान्तर्गत ‘मानसखंड’ में भी मिलता है। उत्तराखंड के पौराणिक भूगोल की दृष्टि से यही स्थान ‘सुरभि’ नदी का उद्गम स्थान है, जो दक्षिण की ओर बहती हुई विभांडेश्वर क्षेत्र में ‘नंदिनी’ नदी से संगम करती है।
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उत्तराखंड की नदियाँ अवैध खनन के कारण भीतर से खोखली होती जा रही हैं। नदी तल से छेड़छाड़ ने बाढ़, भूस्खलन और गाँवों की असुरक्षा को बढ़ा दिया है। केदारनाथ से जोशीमठ तक की आपदाएँ चेतावनी हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य को संकट में डाल रहा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा के लिए तीन सितारा रैंक शक्ति नहीं, जिम्मेदारी है। असम राइफल्स के डीजी के रूप में उन्होंने सुरक्षा को मानवीय और भरोसेमंद बनाया। आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनका नेतृत्व संतुलन, संवाद और विश्वास पर आधारित रहा, जिसने सैनिकों और नागरिकों दोनों का भरोसा जीता।
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