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रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील अंतर्गत बड़ेथ डुंगर टोक क्षेत्र में 28 अगस्त की रात अचानक बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिससे व्यापक स्तर पर जन-धन की हानि हुई है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
READ MOREपौड़ी में 6 अगस्त को घटित आपदा के प्रभावितों को धराली और थराली की तर्ज पर राहत पैकेज प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि आपदा में जिनके आवास पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, मृतकों के परिजनों को भी ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
READ MOREउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित थराली क्षेत्र का दौरा कर प्रभावितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा भी की।
READ MOREउत्तराखंड के चमोली जिले की थराली तहसील में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस आपदा में एसडीएम आवास समेत कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने इसकी पुष्टि की है।
READ MOREउत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र विपक्षी दलों के भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया। बावजूद इसके, सदन में बुधवार को सभी नौ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया गया। कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करते हुए सत्र को निर्धारित समय से दो दिन पहले समाप्त कर दिया गया।
READ MOREस्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर चमोली जनपद में देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कार्यक्रमों की धूम रही। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने माणा से लेकर बदरीनाथ धाम तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली।
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चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 22 अप्रैल से केदारनाथ धाम की यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार घोड़ा-खच्चरों का डिजिटल डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रा पर आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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काण्डा ग्राम पंचायत की शांत वादियों में बसा एक छोटा सा पहाड़ी गांव आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है। यह गांव पोखरी विकासखंड के अंतर्गत आता है, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए भी जाना जाता है। इन्हीं चुनौतियों के बीच कमल रावत और उनकी पत्नी रेखा देवी ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से एक नई कहानी लिखी है।
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