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विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट सोमवार को शुभ मुहूर्त में पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के इस भव्य और आध्यात्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोग शामिल हुए। कपाट खुलते ही पूरा रुद्रनाथ धाम “हर-हर महादेव” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयघोषों से गूंज उठा तथा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
READ MOREपंचकेदारों में चतुर्थ केदार माने जाने वाले भगवान रुद्रनाथ के कपाट सोमवार 18 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। इससे पहले रविवार को भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर से पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मूल धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान पूरा गोपेश्वर “हर-हर महादेव”, “जय रुद्रनाथ” और “जय गोपीनाथ” के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने डोली यात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
READ MOREउत्तराखंड की लोक आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का सबसे विराट प्रतीक मानी जाने वाली मां नंदा देवी की पवित्र यात्रा को लेकर लंबे समय से चल रहा संशय अब लगभग समाप्त हो गया है। कुरूड़ मंदिर समिति ने आधिकारिक रूप से वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली “नंदा देवी बड़ी जात यात्रा” की घोषणा करते हुए इसका पूरा 21 दिवसीय यात्रा कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी यात्रा आगामी 5 सितंबर 2026 से सिद्धपीठ कुरूड़ मंदिर से आरंभ होगी। मां नंदा देवी की कैलाश प्रस्थान यात्रा के रूप में आयोजित होने वाली यह यात्रा उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।
READ MOREचारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या जहां उत्तराखंड की धार्मिक और आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर हिमालयी पारिस्थितिकी पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। यात्रा मार्गों, नदी तटों और धामों के आसपास फैल रहा सिंगल यूज प्लास्टिक अब हिमालय की संवेदनशील प्रकृति के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में ग्लेशियरों के पिघलने, भूस्खलन और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं और भयावह हो सकती हैं।
READ MOREउत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांवों में आज भी विकास की तस्वीर अधूरी दिखाई देती है। एक ओर सरकार गांव-गांव सड़क पहुंचाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई गांव ऐसे हैं जहां आज भी बीमारों और गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक का बलाण गांव और उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र का दोणी गांव इसी दर्दनाक हकीकत की कहानी बयां कर रहे हैं।
READ MOREउत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून आने से पहले प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए, ताकि आम जनता को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
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उत्तराखंड की प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत और लगन के दम पर नई पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में पौड़ी गढ़वाल के खण्ड तल्ला (पैठाणी) गांव के होनहार युवा धावक कुलदीप नेगी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ की प्रतिभाओं में किसी भी चुनौती का सामना करने की अद्भुत क्षमता होती है। चमोली जनपद के सीमांत और दुर्गम मलारी क्षेत्र में आयोजित प्रतिष्ठित नीति हाफ मैराथन में कुलदीप नेगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त कर पूरे पौड़ी जिले और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
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विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी (वैली ऑफ फ्लावर्स) सोमवार से पर्यटकों के लिए खोल दी गई। नए पर्यटन सीजन की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। पहले ही दिन देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे 108 पर्यटकों ने घाटी की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। हिमालय की गोद में बसी यह घाटी एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफरों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
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