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देहरादून में तुंगनाथ घाटी के दिलमी गांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार मनोज सेमवाल को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया है।
READ MOREउत्तराखंड सरकार 7 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन देकर सचिव बनाया है जिससे कि सरकार के काम में तेजी आयेगी। इसके अलावा कुछ आईएएस अधिकारियों के ग्रेड पे में भी प्रमोशन किया गया है।
READ MOREउत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां से अनेक वीर योद्धाओं ने जन्म लिया है यहां के हर परिवार से कोई न कोई सेना या अद्र्धसैनिक बल में है और वह वहां रहकर देश सेवा में लगे रहते हैं।
READ MOREमुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के निर्देश पर प्रदेश के सभी जनपदों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम डोर टू डोर अभियान युद्ध स्तर पर चलाया गया था। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदवार सुपर चेकिंग के लिए भी विभिन्न जनपदों का दौरा करने के लिए निर्देशित किया गया था।
READ MOREदेश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। सभी लोगों ने कहा कि उनकी सादगी, धैर्य, निस्वार्थ सेवा और शालीनता का व्यवहार सदैव हर कांग्रेस कार्यकर्ता को प्रेरणा देता रहेगा।
READ MOREआर्मी हॉस्पिटल आर.आर. दिल्ली एवं मिलिट्री हॉस्पिटल, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों हेतु निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में बंजी जंपिंग करने के कुछ ही समय बाद देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में कार्डियक अरेस्ट अथवा सिंकोप अटैक (अचानक बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या) की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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