[fvplayer id=”10″]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में ‘प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन’ में सभी प्रवासी उत्तराखंड़ियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अल्मोड़ा जनपद में बस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
READ MOREउत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है जिसमें कई बार मरीज को बड़े अस्पताल तक पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी जीवनरक्षक सुविधा से युक्त हेली एम्बुलेंस दूर दराज के मरीजों के लिए जीवन दायनी का काम करेगी।
READ MOREउत्तराखंड में पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। ऐसे में प्रभावी परिवहन तंत्र न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए अति-आवश्यक है, बल्कि यह आर्थिक विकास में भी अपना योगदान देता है।
READ MOREकेंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती जादूंग गांव को दोबारा आबाद की कवायद शुरू की है। सीमावर्ती जादूंग गांव में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत खंडहर घरों को होमस्टे में बदलने का काम तेजी से चल रहा है।
READ MOREप्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों के भेड़, बकरी, कुक्कुट एवं मछली पालकों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट के इस निर्णय से प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भेड़, बकरी, कुक्कुट एवं मछली पालकों की आर्थिकी को मजबूती मिलने के साथ ही स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्धसैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में बंजी जंपिंग करने के कुछ ही समय बाद देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में कार्डियक अरेस्ट अथवा सिंकोप अटैक (अचानक बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या) की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
READ MORE
उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
READ MORE