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उत्तराखंड के विकास में बुनियादी ढांचे का विकास करना एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश में तेजी से बढ़ते आवागमन और बेहतर संपर्क मार्ग हेतु स्टील सेतु का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारंपरिक पुलों की तुलना में यह पुल कम समय में तैयार हो जाते हैं और आपातकालीन स्थितियों में बहुत लाभकारी हैं।
READ MOREसमान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा।
READ MOREदेहरादून के ओएनजीसी जियो पिक कॉक्पलेक्स में एपीजी इंडिया द्वारा इको-ड्राइव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ओएनजीसी की डारेक्टर (एक्सप्लोरेशन) सुषमा रावत ने भी हिस्सा लिया। यह यात्रा देहरादून-जोशीमठ-माणा-देहरादून सड़क मार्ग से की जायेगी और इसमें लगभग 30 प्रतिभागी शामिल हुए।
READ MOREखाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटनाओं के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एफडीए ने जारी की विस्तृत गाईडलाइन, दोषियों पर 25 हजार से 1 लाख रूपये तक का जुर्माना लगाया जायेगा।
READ MOREउत्तराखंड राज्य की स्थापना के 24 वर्ष पूरे होने तथा 25वीं रजत जयन्ती के शुभारम्भ के रूप में वर्षभर आयोजित होने वाले ‘देवभूमि रजतोत्सव’ की शुरूआत 9 नवम्बर को होगी।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किच्छा खुरपिया फार्म में औद्योगिक स्मार्ट सिटी व सेटेलाईट एम्स एवं हाइटेक बस अड्डा की सौगात देने पर किच्छा इन्दिरा गांधी खेल मैदान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार एवं अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री धामी का विभिन्न संस्थाओं, संगठनों द्वारा पुष्पगुच्छों व पुष्प मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में बंजी जंपिंग करने के कुछ ही समय बाद देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में कार्डियक अरेस्ट अथवा सिंकोप अटैक (अचानक बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या) की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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