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देश में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी की घुसपैठ के मामले में असम नंबर एक पर है, दूसरे स्थान पर एक छोटा सा हिमालयी राज्य उत्तराखंड है।
READ MOREउत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से मुसीबत खड़ी हो गई है। चमोली में बद्रीनाथ हाईवे का वैकल्पिक मार्ग नंदप्रयाग सेकोट कोठियालसेन सड़क भूस्खलन से बंद हो गया है। इसके अलावा लोहाघाट में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है।
READ MOREउत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम के द्वितीय चरण की यात्रा का केदारनाथ में पूजा अर्चना के उपरांत सकुशल सम्पन्न की गयी।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में वर्चुअल रूप से रूद्रप्रयाग में आयोजित जागतोली दशज्यूला विकास महोत्सव-2024 कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागतोली दशज्यूला महोत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।
READ MOREचकोर पक्षी के बारे में कवियों, शायरों और गीतकारों ने खूब लिखा है। जब भी किसी प्रेमी की अपनी प्रतिका के प्रति प्रेम की पराकाष्ठा, समर्पण और आत्म-त्याग को दर्शाना होता है तो कवियों ने चांद व चकोर को प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया है। इसमें चांद को प्रेमिका और चकोर को प्रेमी के तौर पर पेश किया जाता रहा है।
READ MOREदेहरादून में जिलाधिकारी की सख्ताई का असर दिखने लगा है, अब नगर निगम की मशीनरी हरकत में आ गई है। जिलाधिकारी द्वारा सख्त निगरानी के निर्देशों के बाद नगर निगम की पैट्रोलिंग टीम भी सक्रिय हो गई है।
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में बंजी जंपिंग करने के कुछ ही समय बाद देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में कार्डियक अरेस्ट अथवा सिंकोप अटैक (अचानक बेहोशी और हृदय संबंधी समस्या) की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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