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बात दें कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वहां पर पैराफिट नहीं है। यदि वहां पैराफिट होते तो शायद कार खाई में गिरने से बच जाती है. और कार सवार लोगों को कम नुकसान पहुंचाता।
READ MOREभूपेश उपाध्याय के निवेदन पर वन मंत्री ने तुरंत वन सचिव उत्तराखण्ड को दूरभाष पर आदेश दिया कि प्रदेश के सभी जनपदो में जहां अभी बाघ व तेंदुआ बाड़ा (रेस्क्यू सेंटर) नहीं है वहाँ बाघ व तेंदुआ बाड़ा (रेस्क्यू सेंटर) बनाने का प्रस्ताव बनाकर अविलंब बनवाये।
READ MOREसीओ अल्मोड़ा गोपाल दत्त जोशी चितई गोल्ज्यू मंदिर और जागेश्वर धाम पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद जागेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ बैठक की।
READ MOREबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आगामी 11 मई से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम दर्शन समेत यात्रा व्यवस्थाओं, यात्रा मार्गों पर बीकेटीसी के यात्री विश्राम गृहों का निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही वे मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे।
READ MOREइस वर्ष करीब 7000 डंडी कंडी और पिट्ठू संचालक श्री केदारनाथ धाम यात्रा के लिए पंजीकृत हैं। जिनका संचालन प्रतिदिन हो रहा है, घोड़े-खच्चरों को आराम मिलने के बाद से इनके माध्यम से ही पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं वहीं पैदल यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक खाद्य सामग्री सहित अन्य सामग्री भी इन्हीं लोगों की मदद से पहुंचाई जा रही है।
READ MOREभारतीय सेना में मिलट्स (श्री अन्न) एवं उससे बने उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा दिए जाने के उद्देष्य से कुलपति कार्यालय सभाकक्ष में एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान एवं भारतीय सेना की ओर से ले.ज. डी.जी. मिश्रा द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
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गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के आयोजन से पूर्व आज कुलपति सभागार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल के निधन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोकगीत रसिकों को अपनी मधुर आवाज से दीवाना बनाने वाले इस कलाकार के जाने से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा सहित आसपास के कस्बों और शहरों में उनके प्रशंसकों, कलाकारों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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