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उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने सदैव मानवीय मूल्यों को सर्वाेपरि रखा है और हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग है। यही कारण है कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है और भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है।
READ MOREइस बार मानसून के आगमन से पहले ही अच्छी बारिश हुई है। बिहार के कुछ हिस्सों तक मानसून पहुंच चुका है। यूपी में भी अगले दो से तीन दिनों में इसके पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद मानसून 22 जून के आसपास उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है।
READ MOREसफाई अभियान में पांडवाज टीम सहित गांव के 10 युवक भी शामिल रहेंगे। 20 जून को सारी गांव में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सूर्योदय पर योग सत्र के बाद वन्यजीव, वनाग्नि पर परिचर्चा, कवि सम्मेलन सहित लोक संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी।
READ MOREजिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि 268 आपत्तियों में से 51 व्यक्तियों ने जिला सभागार में व्यक्तिगत रूप से अपनी आपत्ति को दर्ज करवाया और जिला प्रशासन ने ब्लॉकवार उनको धैर्यपूर्वक सुना। सभी प्रक्रियाओं के तहत उन्हें संतुष्ट किया गया।
READ MOREजिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी से अचानक भारी मलबा गिरा, जिसकी चपेट में पांच यात्री आ गए। सभी यात्री उस समय पैदल यात्रा कर रहे थे। मलबा गिरने के चलते यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे।
READ MOREवैसे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारियों ने दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इसलिए आज चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने त्यूणी थाने का घेराव किया।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहा है। जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अनूठी पहल के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। अभियान को श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल बन रहा है।
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उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक आंदोलनों और ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले देशभर के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के प्रमुख समाज सुधारक और आंदोलनकारी स्वामी मन्मथन के जीवन, विचारों और योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
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