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जिलाधिकारी सविन बसंल अपने चिरपरिचित अंदाज में जनहित में निरंतर कड़े निर्णय ले रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जिलाधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए भटक रहे फरियादियों की समस्या निस्तारित कर रहे हैं बल्कि त्वरित रिलिफ भी दे रहे हैं।
READ MOREघटना की सूचना पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस-प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार मोरी जब्बर सिंह असवाल, राजस्व उप निरीक्षक, एसडीआरएफ और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
READ MOREजब मैं बच्चों को गाते हुए देख रही थी, तो मेरे आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। यह बच्चे गले से नहीं हृदय से गा रहे थे। मुझे लगता है कि सरस्वती उनके गले में बैठी है। कहा जाता है कि भगवान किसी के अंग में अगर कोई कमी देता है, तो उसे एक ऐसी प्रतिभा दे देता है, जो लोगों से उसे अलग बनाती है।
READ MOREउन्होंने केंद्रीय नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताया कि उनका उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। वहीं इसके अलावा उत्तराखंड में लगातार विधायकों द्वारा किए जा रहे मंत्रिमंडल विस्तार के इंतजार को लेकर भी कैलाश विजयवर्गीय ने टिप्पणी की।
READ MORE2025 की यात्रा प्रारंभ होने के उपरांत, पार्क प्लस कंपनी ने मौसम की कड़ी चुनतियों के बावजूद इस सिस्टम को स्थापित करने का कार्य किया। लगभग 15 दिनों के सफलतापूर्वक ट्रायल के बाद, अब यह व्यवस्था पूरी तरह से चालू हो गई है।
READ MOREतीर्थयात्रियों की अधिक आमद से बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान यहां देव दर्शनी में जाम की स्थिति पैदा हो रही थी। इसे देखते हुए यहां अब ईको पर्यटक शुल्क के भुगतान के लिए फास्टैग सुविधा का संचालन शुरू कर दिया गया है।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहा है। जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अनूठी पहल के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। अभियान को श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल बन रहा है।
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उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक आंदोलनों और ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले देशभर के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के प्रमुख समाज सुधारक और आंदोलनकारी स्वामी मन्मथन के जीवन, विचारों और योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
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