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जिससे बड़ी दुर्घटना होते होते बच गई। नाले में बहे युवक की पहचान खटीमा निवासी तस्लीम पुत्र लईक के रूप में हुई है। एसडीआरएफ व पुलिस टीम ने आमजन व बाहर से टनकपुर घूमने आने वाले लोगों से बरसाती नदी नालों को पार ना करने की अपील की है।
READ MOREगिरफ्तार बदमाशों की पहचान गुरविंदर सिंह उर्फ गोपी पुत्र बलजिंदर सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र लखविंदर सिंह और वंशदीप सिंह पुत्र लखविंदर सिंह के रूप में हुई है। ये तीनों निवासी टीमोंवाल, थाना खलचिया, जनपद अमृतसर (पंजाब) के रहने वाले हैं। बहरहाल पुलिस ने उन्हे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
READ MORE16 जून को अयान अपने साथी सौरभ दिवाकर और हर्षित राणा के साथ बाइक से कृष्णा अस्पताल की तरफ जा रहा था। ठीक उसी समय रवि पपनै कृष्णा हॉस्पिटल के पास अकेला मिला तो तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर उसके साथ मारपीट की।
READ MOREवहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू के लिए अच्छे स्ट्रेचर, नाइट विजन के लिए एलईडी एवं फोकस लाइट से लेकर उच्च गुणवत्ता वाली रस्सी, स्टिक एवं फर्स्ट एड किट जवानों को उपलब्ध कराई गई है। हर प्राथमिक सुविधा प्रशासन की ओर से उपलब्ध होने से एक ओर इन जवानों की जेब का भार कम हुआ है। वहीं, दूसरी ओर विपरीत परिस्थित में अपनी ड्यूटी करने में भी इन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही।
READ MOREमई 2025 में विधायी विभाग से मंजूरी मिलने के बाद 28 मई को इसे कैबिनेट के सामने रखा गया था, जिसे धामी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी थी। इसके बाद आज 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड योग पॉलिसी 2025 को लागू कर दिया गया है।
READ MOREजिनके पास से घटना में प्रयुक्त एक नाली बन्दूक व कारतूस बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में, गिरफ्तार आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने पीड़ित पर जान से मारने की नीयत से योजनाबद्ध तरीके से फायरिंग की थी। बहरहाल पुलिस ने उन्हे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहा है। जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अनूठी पहल के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। अभियान को श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल बन रहा है।
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उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक आंदोलनों और ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले देशभर के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के प्रमुख समाज सुधारक और आंदोलनकारी स्वामी मन्मथन के जीवन, विचारों और योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
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