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शिकायत में ये भी कहा गया है कि उद्यान अधिकारी और ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों ने योजनाओं की सफलता दर्शाने के लिए किसानों के फर्जी फोटो एवं लोकेशन दिखाकर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज की।
READ MOREमुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। यात्रा मार्ग पर दूरसंचार की व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल ट्रेकिंग सिस्टम बनाया जाए।
READ MOREगौर हो कि चीलावली के मोहण्ड गेट ने इस साल नए रिकॉर्ड बनाए हैं। साथ ही चीला व मोतीचूर ने भी लोगों को आकर्षित करते हुए खासा राजस्व कमाया है। सभी चार गेटों से पार्क महकमे को एक करोड़ तेइस लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।
READ MOREजिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आ रहे सभी श्रद्धालु मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी यात्रा पर आएं तथा यात्रा के दौरान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा हेतु अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें और सावधानीपूर्वक यात्रा करें।
READ MOREप्रशासन का कहना है कि मसूरी और देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया। नई मसूरी रोड वाहनों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक को पुराने मार्ग पर मोड़ा गया था। अधिकारियों ने माना कि मार्ग पर पर्याप्त ट्रैफिक स्टाफ और पुलिस फोर्स तैनात किया गया था।
READ MOREदेहरादून। पछवादून में सोमवार सुबह एक यात्री बस और लोडर वाहन की जोरदार टक्कर हो जाने से जहंा तीन लोगों की मौत हो गयी, वहीं 14 लोग गम्भीर रूप से घायल हुए है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की
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उत्तराखंड के लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरआरसी) में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर देखने को मिला, जब कुल 238 अग्निवीरों को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा ‘डिप्लोमा इन डिफेंस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट’ से सम्मानित किया गया। औपचारिक दीक्षांत समारोह के दौरान अग्निवीरों को यह शैक्षणिक उपाधि प्रदान की गई, जो सैन्य प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के समन्वय का एक अनूठा उदाहरण है।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहा है। जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अनूठी पहल के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे गौरीकुंड तक लाया जा चुका है। अभियान को श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल बन रहा है।
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