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उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक आंदोलनों और ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले देशभर के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के प्रमुख समाज सुधारक और आंदोलनकारी स्वामी मन्मथन के जीवन, विचारों और योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
READ MOREउत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एमडी, एमएस और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या 64 तक पहुंचा दी है। संस्थान ने आने वाले वर्षों में इन सीटों को बढ़ाकर 100 तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
READ MOREनमामि गंगे परियोजना के तहत अलकनंदा नदी की जैव-विविधता के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय अंतःस्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सीआईएफआरआई), बैरकपुर कोलकाता, जंतु विज्ञान विभाग, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर तथा मत्स्य विभाग टिहरी गढ़वाल के संयुक्त तत्वावधान में धारी देवी के निकट अलकनंदा नदी में 7 हजार महाशीर मछली की अंगुलिकाओं (फिंगरलिंग्स) का प्रवाह किया गया। यह कार्यक्रम नदी के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने और संकटग्रस्त जलीय प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
READ MOREजनपद पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक स्थित वाड़ी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घर के पास घास लेने गई एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल फैल गया। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर आदमखोर गुलदार को मार गिराया।
READ MOREएक ओर सरकार जल जीवन मिशन और ‘हर घर नल’ योजना के जरिए प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड एकेश्वर की मवालस्यूं पट्टी के मासौं थपलियाल और मासौं मसेटा गांवों के करीब 200 परिवार पिछले 11 महीनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। विडंबना यह है कि इस क्षेत्र में पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. यशवंत सिंह कठोच का पैतृक गांव भी शामिल है, लेकिन शिकायतों और प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
READ MOREउत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रीनगर पुलिस ने एक युवक को 4.94 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन यह घटना समाज में तेजी से बढ़ रही नशे की समस्या की ओर भी गंभीर संकेत देती है।
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उत्तराखंड के पहाड़ों से रोजगार की तलाश में हो रहे पलायन को रोकने के लिए स्वरोजगार और आधुनिक खेती को सबसे प्रभावी विकल्प माना जा रहा है। पौड़ी जिले के बीरोंखाल विकासखंड के सीमांत गांव जमरिया के दो किसान सुरेंद्र सिंह रावत और मंगल सिंह चौधरी इस सोच को वास्तविकता में बदल रहे हैं। दोनों किसानों ने आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर सेब बागवानी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आज वे न केवल अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।
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पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड मुख्यालय जयहरीखाल में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नलों में पानी नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और छोटे दुकानदारों को उठानी पड़ रही है। लगातार चार दिनों से पानी की किल्लत के चलते लोगों में जल संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है।
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