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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासों का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कई स्थानों पर अलग तस्वीर पेश कर रही है। विकासखंड पाबौ के अंतर्गत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पांग पिछले एक वर्ष से मात्र एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
READ MOREउत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम के बीच जंगलों में आग की घटनाएं लगातार भयावह रूप लेती जा रही हैं। गुरुवार को प्रदेशभर में वनाग्नि की 37 घटनाएं दर्ज की गईं, जिससे सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक जंगलों में धधकती आग ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) द्वारा जारी किए गए 150 से अधिक फायर अलर्ट इस संकट की गंभीरता को दर्शाते हैं।
READ MOREउत्तराखंड सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए करीब 8 करोड़ 42 लाख 98 हजार रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न शैक्षणिक भवनों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर छात्र-छात्रा को गुणवत्तापरक और सुविधायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
READ MOREगढ़वाल मंडल को लंबे समय बाद ऐसा आयुक्त मिला है, जिसके पास किसी अन्य विभाग या जिले की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं है। सोमवार को गढ़वाल मंडल के नवनियुक्त आयुक्त आनंद स्वरूप ने पौड़ी स्थित मंडलीय कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पौड़ी में रहकर ही काम करेंगे और मंडल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सीधे नजर रखेंगे। उनके इस बयान से लंबे समय से उठ रही उस मांग को भी बल मिला है, जिसमें गढ़वाल के लिए पूर्णकालिक कमिश्नर नियुक्त करने की बात कही जा रही थी।
READ MOREजनता मिलन में पहुंचीं 32 शिकायतें, पेयजल संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा, जिले में लगातार बढ़ती पेयजल समस्याओं को लेकर सोमवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे लोगों ने जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के सामने पानी की किल्लत, सड़क, आवास और लंबित भुगतानों जैसी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में कुल 32 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें पेयजल आपूर्ति से जुड़ी रहीं। डीएम ने संबंधित विभागों को सभी मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
READ MOREसुबोध उनियाल के पैतृक गांव औणी में गुलदार के बढ़ते हमलों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आ गया। क्षेत्र में एक महिला पर गुलदार के हमले के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के खंडाह के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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उत्तराखंड के पहाड़ों से रोजगार की तलाश में हो रहे पलायन को रोकने के लिए स्वरोजगार और आधुनिक खेती को सबसे प्रभावी विकल्प माना जा रहा है। पौड़ी जिले के बीरोंखाल विकासखंड के सीमांत गांव जमरिया के दो किसान सुरेंद्र सिंह रावत और मंगल सिंह चौधरी इस सोच को वास्तविकता में बदल रहे हैं। दोनों किसानों ने आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर सेब बागवानी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आज वे न केवल अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।
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पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड मुख्यालय जयहरीखाल में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नलों में पानी नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और छोटे दुकानदारों को उठानी पड़ रही है। लगातार चार दिनों से पानी की किल्लत के चलते लोगों में जल संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है।
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