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भैरवनाथ को भगवान केदारनाथ के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद जो भी पहला मंगलवार व शनिवार आता है। उसी दिन भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। यह परम्परा सदियों से चली आ रही है।
READ MOREइस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से बातचीत की। उनसे ट्रांसिट कैंप परिसर में व्यवस्थाओं के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री से मिलकर श्रद्धालु काफी खुश और गदगद नजर आए।
READ MOREचारधाम यात्रा पर देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और सुगम हो इसके लिए राज्य सरकार एवं प्रशासन लगातार नए प्रयास कर रहा है। देश की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने इस दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित किया है।
READ MOREकेदारनाथ धाम के कपाट आज विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खुल गये। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा संपंन कराई।
READ MOREभगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच गई है। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। पंचमुखी उत्सव डोली के केदारघाटी के पहुंचते ही पूरी घाटी बाबा केदार के जयकारों से गूंज उठी।
READ MOREगंगोत्री ओर यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही पवित्र चारधाम यात्रा, शुरु होने जा रही है। चारधाम यात्रा, उत्तराखंड की आर्थिकी में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। केदारनाथ धाम जाने के लिए तीर्थयात्रियों को गौरीकुंड से करीब 18 किमी लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। इस कारण बड़ी संख्या में यात्री घोड़े – खच्चरों की सेवा लेते हैं।
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विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। अब तीर्थयात्रियों को कड़ाके की ठंड में गर्म पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। केदारनाथ धाम में बायोमास पैलेट्स से संचालित विशेष गीजरों के माध्यम से 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराने की अभिनव योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। यह देश का पहला ऐसा प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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प्रदेश में मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज ने रविवार को चारधाम यात्रा समेत आम जनजीवन पर व्यापक असर डाला। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को चार घंटे के लिए रोक दिया। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर और मलबा गिरने से यातायात बाधित रहा। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से लोगों को गर्मियों में भी सर्दियों जैसा एहसास हुआ।
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