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विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट मुहूर्त के अनुसार आज सुबह 11:36 पर शीतकालीन के लिए बंद हो गए हैं। 6 माह तक श्रद्धालुओं को भगवती गंगे के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) स्थित मंदिर में होंगे।
READ MOREचारधाम यात्रा का वर्तमान सत्र अब संपन्न होने जा रहा है। परंपरानुसार श्री गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट बुधवार 22 अक्टूबर को और श्री यमुनोत्री धाम मंदिर के कपाट गुरुवार 23 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इन दोनों धामों में दीपोत्सव के आयोजन के साथ ही कपाट बंद करने से पूर्व की विशेष पूजा-अर्चनाओं का क्रम जारी है।
READ MOREउत्तरकाशी ज़िले के धराली क्षेत्र में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे थे, लेकिन इसी बीच लापरवाही और अव्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
READ MOREहम एक भू विज्ञान के छात्र के रूप में जलोढ़ पंख का अध्ययन भूगर्भिक प्रक्रियाओं और नदी या धारा के व्यवहार को समझने में करते हैं। जैसा कि अक्सर देखने को मिलता है हमारे पूर्वजों ने इन भू आकृतियों का उपयोग धीरे-धीरे अपने खेती के लिए करना शुरू किया, क्योंकि यहां की मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है।
READ MOREउत्तरकाशी के सुपुत्र, स्वर्गीय रुकम सिंह पंवार (प्रख्यात व्यवसायी, उत्तरकाशी) के सुपुत्र सुरजीत सिंह पंवार को भारत सरकार द्वारा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) कैडर आवंटित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
READ MOREउत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में धराली, हर्षिल और सुक्की टॉप में आई विनाशकारी जलप्रलय ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जिसने भी इस त्रासदी के दृश्य देखे, वह स्तब्ध रह गया। इस बाढ़ में न केवल भारी जानमाल की हानि हुई है, बल्कि यह घटना राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
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हिमालय की गोद में बहने वाली सदानीरी नदियाँ माँ गंगा और माँ यमुना आज गंभीर संकट के दौर से गुजर रही हैं। उत्तरकाशी जिले में इन आस्था की नदियों में हो रहे अवैध और अवैज्ञानिक खनन ने न केवल नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि पूरे पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र को भी अस्थिर कर दिया है।
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कोटद्वार क्षेत्र में लंबे समय से दहशत फैलाने वाला गुलदार आखिरकार वन विभाग की कार्रवाई में पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार ने महिलाओं और मवेशियों पर हमले किए थे। ट्रैंकुलाइज कर उसे रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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