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उत्तराखंड के सितारगंज से निकलकर हिमांशु गुप्ता ने यह सिद्ध कर दिया कि हालात नहीं, बल्कि हौसले सफलता तय करते हैं। पिता की सड़क किनारे चाय की दुकान और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बिना किसी कोचिंग के, केवल सेल्फ-स्टडी के बल पर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और तीन बार परीक्षा पास की।
READ MOREनरेंद्र सिंह नेगी केवल लोकगायक नहीं, उत्तराखंड की आत्मा की आवाज़ हैं। उनके गीत पहाड़ के संघर्ष, पलायन, पर्यावरण और सामाजिक सच्चाइयों को ईमानदारी से सामने रखते हैं। बिना शोर और दिखावे के, उनकी गायकी हर पीढ़ी को जोड़ती है और लोक को वर्तमान में जीवित रखती है।
READ MOREउत्तराखंड की नदियाँ अवैध खनन के कारण भीतर से खोखली होती जा रही हैं। नदी तल से छेड़छाड़ ने बाढ़, भूस्खलन और गाँवों की असुरक्षा को बढ़ा दिया है। केदारनाथ से जोशीमठ तक की आपदाएँ चेतावनी हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य को संकट में डाल रहा है।
READ MOREयोगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को भय और अराजकता की पहचान से निकालकर व्यवस्था और विश्वास की राह पर खड़ा किया। कानून व्यवस्था, विकास और संस्कृति के संतुलन के साथ उन्होंने शासन को साधना बनाया। उनका नेतृत्व लोकप्रियता नहीं, परिणाम और चरित्र से पहचाना जाता है।
READ MOREसीडीएस जनरल अनिल चौहान का नेतृत्व शांति, स्पष्ट सोच और दूरदृष्टि पर आधारित है। वे युद्ध को हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, समन्वय और रणनीति से जीतने में विश्वास रखते हैं। तीनों सेनाओं के एकीकरण के जरिए वे भारत की सैन्य शक्ति को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
READ MORE30 साल पैरा SF में सेवा के बाद कमांडो हीरा सिंह पटवाल अल्मोड़ा के अपने गांव लौटे। बंजर ज़मीन को खेती में बदला, पशुपालन शुरू किया और आत्मनिर्भरता की मिसाल बने। वे युवाओं को गांव लौटने, खेती अपनाने और पहाड़ बचाने का संदेश दे रहे हैं।
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उत्तराखंड के सितारगंज से निकलकर हिमांशु गुप्ता ने यह सिद्ध कर दिया कि हालात नहीं, बल्कि हौसले सफलता तय करते हैं। पिता की सड़क किनारे चाय की दुकान और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बिना किसी कोचिंग के, केवल सेल्फ-स्टडी के बल पर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और तीन बार परीक्षा पास की।
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नरेंद्र सिंह नेगी केवल लोकगायक नहीं, उत्तराखंड की आत्मा की आवाज़ हैं। उनके गीत पहाड़ के संघर्ष, पलायन, पर्यावरण और सामाजिक सच्चाइयों को ईमानदारी से सामने रखते हैं। बिना शोर और दिखावे के, उनकी गायकी हर पीढ़ी को जोड़ती है और लोक को वर्तमान में जीवित रखती है।
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