उत्तराखंड पुलिस के महिला कमांडो दस्ते एवं स्मार्ट चीता पुलिस के शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का चौथा राज्य हैं जहां महिला पुलिस कमांडो दस्ता तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि हम कमांडो ट्रेनिंग ले रहे हैं तो उसके पीछे एक संकल्प बहुत जरूरी है। जब हम कोई विद्या सीखते हैं तो कभी उसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। केवल हम समाज की सुरक्षा और आत्म रक्षा के लिए ही इसका इस्तेमाल करेंगे। महिला कमांडो को इस तरह से तैयार किया गया है कि वे हथियारों और बिना हथियारों, जेब की पेन, क्लिप, रूमाल को भी हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि यह एक आर्ट है।
सीएम ने कहा कि महात्मा बुद्ध ने जब अहिसा परमो धर्म: का मंत्र दिया तो कैसे दुश्मनों का नाश किया जाए, इस पर बात हुई। ऐसे में बिना हथियार उठाए कैसे आत्मरक्षा की जाए तो यह विद्या और प्रशिक्षण दिए जाने लगे। दुनिया के तमाम देशों ने अलग-अलग नाम दिए। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर स्मार्टनेस होनी चाहिए, रात में मैगजीन गिर जाए तो कैसे उठाना है… ये सब चीजें महिला कमांडो को सिखाई गई हैं।
सीएम रावत ने कहा कि सरकार ने महिला सशक्तीकरण के लिए तमाम प्रयास किए हैं। हाल में उत्तराखंड पहला राज्य बना है जिसने पति की पैतृक संपत्ति में पत्नी को उसका सह खातेदार बनाया है। सशक्तीकरण का मतलब केवल फिजिकली या नौकरी करने से नहीं है बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत होना जरूरी है।
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने तमाम रास्ते महिलाओं के लिए खोले हैं। आज फाइटर प्लेन हमारी बेटियां उड़ा रही हैं। सीमा पर बेटियां जा रही हैं। बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक विकास बहुत जरूरी है। सीएम ने कहा कि अगर आपके हाथ में गन भी है लेकिन साहस, आत्मबल नहीं है तो वह उसे इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। हमें अपनी बेटियों को ऐसा मोटिवेशन देना चाहिए।
LIVE: प्रदेश में महिला कमांडो फोर्स एवं स्मार्ट चीता पुलिस के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग। #WomenCommando #womenempowerment #UttarakhandPolice https://t.co/zAVv8JAGWp
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) February 24, 2021
उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले महिला दस्ता बनाने का विचार आया था लेकिन कोविड के कारण देर हुई। 22 महिला एटीएस कमांडो ही नहीं, आगे इसे और विस्तार देना है। हम कोशिश कर रहे हैं कि पूरे राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली आपदा को बेहतर तरीके से संभालने के लिए महिला अधिकारियों की सराहना की। सीएम ने कहा कि आपदा में दो जवान शहीद हुए। ऑपरेशन की कमान महिलाओं ने ही संभाली। रिधम अग्रवाल पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर कर रही थीं। आईटीबी की कमांडेंट अपर्णा कुमार, डीआईजी नीरू गर्ग, जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया, एसडीएम कुमकुम जोशी ने अच्छे तरीके से सब कुछ संभाला।
इस दौरान सीएम ने महिला कमांडोज, महिला अधिकारियों और अन्य को शाम को रात्रिभोज पर आमंत्रित भी किया।




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