जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस की ओर से जिलेभर में नशे की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में एक नवंबर 2026 को कोतवाली कैंप्टी पुलिस की टीम ने चौकी नैनबाग क्षेत्र में सिलासु पुल के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने वहां से गुजर रहे दो युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से कुल 708 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अखिलेश चौहान पुत्र शैलेंद्र सिंह और राजमोहन पुत्र शूरवीर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी उत्तरकाशी जिले के मोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम देवजानी के निवासी हैं। पुलिस ने बरामद चरस को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली कैंप्टी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मंगेश कुमार, हेड कांस्टेबल अकबर अली और कांस्टेबल राजेंद्र सिंह एवं अंकित रावत शामिल रहे। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए यह कार्रवाई की।
टिहरी पुलिस का कहना है कि जिले में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस की ओर से नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता से भी नशे के अवैध कारोबार के संबंध में जानकारी साझा करने की अपील की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नशा तस्करी से जुड़ी सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।




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