हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर देशवासियों का भरोसा ही लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाता है और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अंततः सत्य की ही विजय होती है।
बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने शासकीय आवास पर त्रिवेंद्र सिंह रावत से मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार किए गए केसर सिंह नेगी ने अपने परिवार के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान श्री रावत ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि नेगी का अपने परिवार के बीच वापस लौटना अत्यंत संतोष और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने इसे सत्य की पहली जीत बताते हुए कहा कि कठिन समय में धैर्य और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में किसी व्यक्ति के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता और जनसेवा का धर्म है। उन्होंने कहा कि जब कोई परिवार कठिन दौर से गुजरता है तो उसे केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक समर्थन की भी आवश्यकता होती है। इसी भावना के साथ उन्होंने केसर सिंह नेगी और उनके परिवार को आगे भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
भेंट के दौरान श्री रावत ने नेगी की पुत्री को भी शुभकामनाएं देते हुए परिवार का मनोबल बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में परिवार का साथ और समाज का विश्वास व्यक्ति को संघर्ष करने की शक्ति देता है। उन्होंने परिवार से निरंतर संपर्क में बने रहने का आग्रह भी किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत की न्यायपालिका पर उन्हें पूर्ण विश्वास है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है और सभी पक्षों को कानून का सम्मान करना चाहिए। उनका विश्वास है कि मामले की पूरी सच्चाई न्यायालय के समक्ष आएगी और अंततः न्याय की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय का होता है और सभी नागरिकों को उस प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिलना हमारी न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे न्यायिक निर्णय समाज में कानून के शासन को मजबूत करते हैं और लोगों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और अधिक बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए, ताकि आम नागरिक का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बना रहे।
उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है तथा प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समान अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे मामलों में धैर्य, संयम और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना ही लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप है।
इस अवसर पर केसर सिंह नेगी और उनके परिवार ने भी त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। परिवार ने कठिन समय में मिले सहयोग और नैतिक समर्थन के लिए उनका धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह का साथ संकट की घड़ी में संबल प्रदान करता है। मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने और भविष्य में भी संवाद जारी रखने पर जोर दिया गया।








Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *