उत्तर प्रदेश और देश के विमानन क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। पहली उड़ान के साथ ही जेवर ने देश के विमानन मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक नया इतिहास रच दिया। एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों को हवाई संपर्क की नई सुविधा प्राप्त हुई है।
सोमवार सुबह एयरपोर्ट पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने बेंगलुरु जाने वाली पहली वाणिज्यिक उड़ान को तिरंगा दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, एयरपोर्ट प्रबंधन और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।
नोएडा एयरपोर्ट पर सबसे पहले इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6ई-2278 ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर सुबह 7:55 बजे लैंडिंग की। विमान के रनवे पर पहुंचते ही उसे पारंपरिक वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया। एयरपोर्ट के इतिहास की इस पहली लैंडिंग का यात्रियों और अधिकारियों ने तालियों के साथ स्वागत किया। विमान में मौजूद यात्रियों ने भी इस विशेष अवसर का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की।
पहली लैंडिंग के कुछ ही देर बाद सुबह 8:35 बजे नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए पहली वाणिज्यिक उड़ान रवाना हुई। विमान के उड़ान भरते ही एयरपोर्ट संचालन के नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई। इसके साथ ही नोएडा एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो गया।
इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट निर्माण के लिए भूमि देने वाले 172 किसानों को भी विशेष सम्मान दिया गया। किसानों, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कुल 186 लोगों को लेकर एक विशेष विमान सुबह साढ़े आठ बजे लखनऊ के लिए रवाना हुआ। वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से संवाद किया और एयरपोर्ट परियोजना में उनके योगदान की सराहना की।
नोएडा एयरपोर्ट से पहले दिन इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर के लिए संचालित की गईं। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार मंगलवार से अकासा एयर भी नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए अपनी सेवाएं शुरू करेगी, जिससे यात्रियों को और अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
पहले ही दिन एयरपोर्ट से यात्रियों की अच्छी संख्या देखने को मिली। कुल 798 यात्रियों ने नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा की। बेंगलुरु जाने वाली पहली उड़ान में 161 यात्री सवार थे, जबकि हैदराबाद के लिए 159 और अमृतसर के लिए 110 यात्रियों ने उड़ान भरी। वहीं, लखनऊ से आने वाली पहली फ्लाइट में 182 यात्री पहुंचे। इसके अतिरिक्त विशेष विमान से 186 लोग लखनऊ गए।
लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक पहचान बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां जेवर की ओर आकर्षित हो रही हैं और यहां निवेश करने की इच्छुक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “कुबेर” भी जेवर आना चाहते हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक संभावनाओं का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा बनने जा रहा है, जहां कार्गो और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधाओं का बड़ा केंद्र विकसित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से न केवल हवाई यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास को भी नया आयाम मिलेगा। पहली उड़ान के साथ शुरू हुई यह यात्रा आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








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