हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक राजेंद्र सिंह को उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाया है। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में 5 गैरसरकारी सदस्य नामित किए गए हैं। इनमें रामनगर की सुश्री आयु त्रिपाठी, ऋषिकेश के विजय बिष्ट, हल्द्वानी के नितिन राणा, रुड़की के रजनीश कौशिक और डॉ. नवीन जोशी शामिल हैं।
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक के तौर पर कई नई पहल करने वाले राजेंद्र सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद समाजसेवा के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने अपने गृहराज्य में एक सामाजिक संस्था कुटुंब ग्राम समिति का गठन किया है। यह संस्था उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों की महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने तथा स्थानीय हुनर को निखारने का प्रशिक्षण देगी। राजेंद्र सिंह ने अपने नेतृत्व में तटीय सुरक्षा के साथ-साथ कोस्ट गार्ड मानवीय जीवन की सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले अभियानों से चौतरफा प्रशंसा पाई। राजेंद्र सिंह इस रणनीतिक बल के शीर्ष पद को सुशोभित करने वाले तटरक्षक बल के पहले अधिकारी रहे। इससे पहले तक नौसेना के थ्री स्टार अधिकारी को यह पद दिया जाता था। राजेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में तटरक्षक बल के संचालन में कई बड़े बदलाव किए। बल का बेड़ा लगातार बड़ा किया।
राजेंद्र सिंह तटरक्षक बल की विकास यात्रा के साक्षी रहे। उन्होंने बल को इसका प्रोफेशनल स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। वह तटरक्षक बल में शामिल हर तरह के पोतों के कमांडर रहे। अस्सी के दशक में राजेंद्र सिंह ने तस्कर विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नाम तस्करी का सामान जब्त करने का कीर्तिमान है। इसके लिए उन्हें 15 अगस्त, 1990 को राष्ट्रपति द्वारा तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने 15 अगस्त 2007 को उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया।
देहरादून निवासी राजेंद्र सिंह 1980 में तटरक्षक बल में शामिल हुए। राजेंद्र सिंह की प्राथमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा मसूरी और देहरादून से हुई। उनके प्रयासों से देहरादून में तटरक्षक बल भर्ती केंद्र खुलने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने वर्ष 2017 में देहरादून में हुए रैबार कार्यक्रम में इस विचार को बढ़ाया था और अपनी सेवानिवृत्ति से पहले ही इसे अमल में ला दिया। देहरादून में कोस्टगार्ड के भर्ती सेंटर का शिलान्यास हो चुका है। जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे पहले, 2013 में राज्य में आई भीषण आपदा के बाद उन इलाकों में गरीबी और बेराजगारी दूर करने के लिए उन्होंने दूरदराज के नौजवानों को तटरक्षक बल में रोजगार देने के लिए वहां भर्ती रैली का आयोजन किया। इसके अलावा भी वह कई अन्य गतिविधियों के जरिए उत्तराखंड से जुड़े हुए हैं। राजेंद्र सिंह के परिवार में उनकी पत्नी उर्मिला सिंह और दो पुत्रियां हैं।




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