उत्तराखंड के मुख्यमंत्री चुने गए पुष्कर सिंह धामी बड़े भव्य समारोह में सीएम पद की शपथ लेंगे। 23 मार्च को दोपहर 2.30 बजे देहरादून के परेड ग्राउंड में 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शपथग्रहण का कार्यक्रम होगा। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता इसमें शिरकत करेंगे।
तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर युवा पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताया। अपने इस फैसले से उन्होंने कई सियासी संदेश भी दिए। राज्य में वरिष्ठ नेताओं को भी एक तरह से शीर्ष नेतृत्व ने यह सीधा संदेश दे दिया है कि 21 साल के युवा राज्य को चलाने के लिए अब उनकी प्राथमिकता युवा नेतृत्व ही है। लिहाजा चुनाव हारने के बावजूद पीएम मोदी ने पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताया। अब धामी पर पीएम मोदी को भरोसा पर खरा उतरने का दबाव होगा। उन्होंने सीएम चुने जाने के बाद कहा कि राज्य में चुनाव से पहले जो भी संकल्प हमने लिए थे, उनको पूरा करेंगे। जनता की आकांक्षा को पूरा करने का दायित्व हमें मिला है। अगले पांच साल हम उत्तराखंड को नंबर वन बनाने का कार्य करेंगे।
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धामी पर पीएम मोदी के भरोसा जताने की एक वजह यह है भी कि कहीं न कहीं शीर्ष नेतृत्व को भी ऐसा लगता है कि उनके चुनाव हारने के पीछे अंदरूनी रस्साकशी भी एक वजह है। वरना सीएम पद के चेहरे का इस प्रचंड जनादेश के बीच बड़े अंतर से हारने का सवाल ही नहीं उठता। बहरहाल, अब शपथग्रहण में पीएम मोदी की मौजूदगी का एक संदेश यह भी है कि उन्हें प्रधानमंत्री का सीधा वरदहस्त हासिल है। वह युवा ऊर्जा से भरपूर मुख्यमंत्री से अपने सभी ड्रीम प्रोजेक्टों को जल्द से जल्द पूरा करवाना चाहते हैं।
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पुष्कर सिंह धामी के खटीमा से चुनाव हारने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि पीएम मोदी किसी अनुभवी पर दांव लगाएंगे। इस रेस में हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, नैनीताल से सांसद और रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, चैबट्टाखाल से विधायक सतपाल महाराज, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी शामिल बताए जा रहे थे। लेकिन पीएम मोदी ने पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताया। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह अब भाजपा में दूसरी पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ा रहे हैं।




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