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वन विभाग ने अब मंदिर तक पहुंच के लिए न्यूनतम शुल्क व्यवस्था की है, जो सही पहल है। शुल्क से जो धनराशि जमा होगी उसका उपयोग यात्री व्यवस्थाओं के लिए किया जाना है। डीएफओ वन प्रभाग रुद्रप्रयाग व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर, चमोली अभिमन्यु सिंह ने कहा कि यात्री व्यवस्थाएं जुटाने और मंदिर मार्ग से लेकर मंदिर तक के संरक्षण और देखरेख और नियमित साफ-सफाई के लिए न्यूनतम शुल्क व्यवस्था शुरू की गई है। शुल्क की दरें क्रमश: 10 व 50 रुपये हैं।
READ MOREशज्युला क्षेत्र में बिजराकोट की आराध्य देव रावल व लाटू देवता की छह माह से चली आ रही देवर यात्रा के अंतिम पड़ाव चमसील ( बैसौंड़) गांव में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार 04 जून को गौचर – सारी के समीप झालीमट में अलकनंदा नदी में समुद्र मंथन के भव्य आयोजन को देखने में भारी भीड़ उमड़ी।
READ MOREहेमकुंड साहिब के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। शुक्रवार को गोविंदघाट गुरुद्वारे से पंज प्यारों की अगुवाई और सिख रेजिमेंट की बैंड की धुनों के साथ करीब 2000 श्रद्धालु यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया के लिए रवाना हुए थे।
READ MOREहेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। गोविंदघाट, घांघरिया और हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे की साज-सज्जा भी होने लगी है। गोविंदघाट गुरुद्वारे में इस वर्ष नए मॉडल का गेट स्थापित किया गया है। हेमकुंड की तीर्थयात्रा 25 मई से शुरू होगी।
READ MOREचतुर्थ केदार माना जाने वाला रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।कपाट खुलने के साथ ही इस मंदिर में दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। यह एकमात्र और अनोखा ऐसा शिव मंदिर है, जहां भगवान भोलेनाथ के मुख की पूजा होती है।
READ MOREरम्माण उत्सव में स्थानीय लोगों और पर्वतीय समुदायों के सदस्य भाग लेते हैं और इसे उत्तराखंड की परंपरा, संस्कृति, और धार्मिक विरासत के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस उत्सव के दौरान, केदारनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन होता है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
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वन विभाग ने अब मंदिर तक पहुंच के लिए न्यूनतम शुल्क व्यवस्था की है, जो सही पहल है। शुल्क से जो धनराशि जमा होगी उसका उपयोग यात्री व्यवस्थाओं के लिए किया जाना है। डीएफओ वन प्रभाग रुद्रप्रयाग व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर, चमोली अभिमन्यु सिंह ने कहा कि यात्री व्यवस्थाएं जुटाने और मंदिर मार्ग से लेकर मंदिर तक के संरक्षण और देखरेख और नियमित साफ-सफाई के लिए न्यूनतम शुल्क व्यवस्था शुरू की गई है। शुल्क की दरें क्रमश: 10 व 50 रुपये हैं।
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शज्युला क्षेत्र में बिजराकोट की आराध्य देव रावल व लाटू देवता की छह माह से चली आ रही देवर यात्रा के अंतिम पड़ाव चमसील ( बैसौंड़) गांव में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार 04 जून को गौचर – सारी के समीप झालीमट में अलकनंदा नदी में समुद्र मंथन के भव्य आयोजन को देखने में भारी भीड़ उमड़ी।
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