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पिछले रविवार को उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा में लापता लोगों की अब तक कोई खबर नहीं है। सुरंग में गाद हटाने में मुश्किल होने लगी तो बचाव दल ने ड्रिलिंग कर फंसे लोगों तक पहुंचने का ऑपरेशन शुरू किया है।
READ MOREआईटीबीपी के जवान राहत सामग्री लेकर पांग गांव पहुंचे। दुर्गम इलाके में स्थित यह गांव आपदा के कारण दूसरे हिस्से से कट गया है। ऐसे में यहा के लोगों के सामने राशन का संकट खड़ा हो गया था। जब आईटीबीपी के जवान राहत सामग्री लेकर गांवों में पहुंचे तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
READ MOREजैसे-जैसे समय बढ़ रहा है मलबे या सुरंग के अंदर जीवन की आस भी धूमिल होती जा रही है। आपदा को 70 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी सुरंग और मलबे में फंसे लोगों का कुछ पता नहीं लग सका है। मशीन से गाद हटाते ही पीछे से और गाद आ रही है। पूरा दिन ऐसे ही चलता रहा, जिस कारण बचाव दल टनल के अंदर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
READ MOREराज्य सरकार की ओर से संस्थान के निदेशक से शीतकालीन मौसम के दौरान गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में किसी भूस्खलन या कृत्रिम झील आदि के निर्माण के निरीक्षण के लिए एक टीम भेजने का अनुरोध किया गया था। इसके लिए वाडिया संस्थान ने 12 लाख रुपये की मांग की थी।
READ MOREसीएम रावत ने सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन, पुलिस, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जोशीमठ के रेणी क्षेत्र में आई आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों की अपडेट ली।
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पिछले रविवार को उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा में लापता लोगों की अब तक कोई खबर नहीं है। सुरंग में गाद हटाने में मुश्किल होने लगी तो बचाव दल ने ड्रिलिंग कर फंसे लोगों तक पहुंचने का ऑपरेशन शुरू किया है।
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आईटीबीपी के जवान राहत सामग्री लेकर पांग गांव पहुंचे। दुर्गम इलाके में स्थित यह गांव आपदा के कारण दूसरे हिस्से से कट गया है। ऐसे में यहा के लोगों के सामने राशन का संकट खड़ा हो गया था। जब आईटीबीपी के जवान राहत सामग्री लेकर गांवों में पहुंचे तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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