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अगर आपके पास कुछ करने का जज्बा हो तो बड़ी लकीर कैसे खींची जा सकती है, यह इस समय उत्तराखंड के पौड़ी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां के जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल के प्रयासों से पर्यटन के मानचित्र में पौड़ी बड़े स्वरूप में उभरने वाला है। नई पीढ़ी के टूरिस्टों के लिए कंडोलिया थीम पार्क एक बेहतरीन आइडिया है तो पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए हैरिटेल स्ट्रीट बेजोड़ विचार है।
READ MOREउत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की कितनी संभवनाएं हैं, इसका अंदाज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछले साल किए गए सर्वे में साहसिक पर्यटन में उत्तराखंड ने गोवा और केरल को भी पीछे छोड़ दिया था। पर्यटन मंत्रालय ने ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन की राजधानी घोषित किया था। ऐसे एक नहीं कई गांव और शहर हैं, जो उत्तराखंड का नाम पूरी दुनिया में फैला सकते हैं। इससे सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही, लोगों के रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
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अगर आपके पास कुछ करने का जज्बा हो तो बड़ी लकीर कैसे खींची जा सकती है, यह इस समय उत्तराखंड के पौड़ी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां के जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल के प्रयासों से पर्यटन के मानचित्र में पौड़ी बड़े स्वरूप में उभरने वाला है। नई पीढ़ी के टूरिस्टों के लिए कंडोलिया थीम पार्क एक बेहतरीन आइडिया है तो पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए हैरिटेल स्ट्रीट बेजोड़ विचार है।
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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की कितनी संभवनाएं हैं, इसका अंदाज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछले साल किए गए सर्वे में साहसिक पर्यटन में उत्तराखंड ने गोवा और केरल को भी पीछे छोड़ दिया था। पर्यटन मंत्रालय ने ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन की राजधानी घोषित किया था। ऐसे एक नहीं कई गांव और शहर हैं, जो उत्तराखंड का नाम पूरी दुनिया में फैला सकते हैं। इससे सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही, लोगों के रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
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