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बीते 29 मई को कर्नाटक और महाराष्ट्र के ट्रैकरों का 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए रवाना हुआ था। दो जून को दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा था। इनमें से 20 ट्रैकर्स तीन जून को सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन अचानक मौसम खराब होने से घने कोहरे और बर्फबारी के बीच सभी फंस गए। समुचित व्यवस्था नहीं होने से पूरी रात उन्हें ठंड में काटनी पड़ी थी। जिसके चलते नाै ट्रैकर्स की माैत हो गई।
READ MORE29 मई को एक 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कुल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए निकला था। दो जून को यह दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा। तीन जून को वह सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए। वहां अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और बर्फबारी के बीच ट्रैकर फंस गए। पूरी रात उन्हें ठंड में बितानी पड़ी। ट्रैकर्स में से किसी ने इसकी सूचना दल को ले जाने वाली गढ़वाल माउंटनेरिंग एवं ट्रैकिंग एजेंसी के मालिक को दी। बताया कि ठंड लगने से चार ट्रैकर की मौत हो गई है जबकि सात की तबीयत खराब है और 11 वहां फंसे हुए हैं।
READ MOREउत्तराखंड में लगातार बढ़ रही सड़क हादसे की घटनाएं। आज टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र में एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मौके पर पहुंची एसडीआरेफ की टीम को वाहन से शव बरामद हुआ।
READ MOREउत्तराखंड देवभूमि में कई रहस्य देखने को मिलते है। जिनके बारे में कई कहानियां हमने बचपन से सुनी, पढ़ी हुई है। ऐसी ही एक रहस्यमई जगह उत्तराखंड के टिहरी में स्थिति है जिसका नाम है खैन्ट पर्वत। खैन्ट पर्वत परियों के देश के नाम से जाना जाता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में इस पर्वत पर परियां निवास करती है ?
READ MOREउत्तराखंड में सड़क हादसे थमने का नाम नही ले रहे है।बता दें कि आजेक दर्दनाक हादसा घनसाली-धुत्तु रोड पर हो गया जहां सौड़ के पास पिकअप वैन खाई में गिर गई है। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है।
READ MOREवर्तमान में शहीद सूबेदार अजय रौतेला का परिवार देहरादून के क्लेमनटाउन में रहता है। जम्मू के पुंछ में आतंकी मुठभेड़ अभी चल रही है। शहीद सूबेदार रौतेला का पार्थिव शरीर नहीं निकाला जा सका है। शहीद के परिवार में तीन बेटे और पत्नी हैं।
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बीते 29 मई को कर्नाटक और महाराष्ट्र के ट्रैकरों का 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए रवाना हुआ था। दो जून को दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा था। इनमें से 20 ट्रैकर्स तीन जून को सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन अचानक मौसम खराब होने से घने कोहरे और बर्फबारी के बीच सभी फंस गए। समुचित व्यवस्था नहीं होने से पूरी रात उन्हें ठंड में काटनी पड़ी थी। जिसके चलते नाै ट्रैकर्स की माैत हो गई।
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29 मई को एक 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कुल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए निकला था। दो जून को यह दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा। तीन जून को वह सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए। वहां अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और बर्फबारी के बीच ट्रैकर फंस गए। पूरी रात उन्हें ठंड में बितानी पड़ी। ट्रैकर्स में से किसी ने इसकी सूचना दल को ले जाने वाली गढ़वाल माउंटनेरिंग एवं ट्रैकिंग एजेंसी के मालिक को दी। बताया कि ठंड लगने से चार ट्रैकर की मौत हो गई है जबकि सात की तबीयत खराब है और 11 वहां फंसे हुए हैं।
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