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गरतांग गली की ये सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है और इंसान की ऐसी कारीगरी और हिम्मत की मिसाल देश के किसी भी अन्य हिस्से में देखने के लिए नहीं मिलती। पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था।
READ MOREउत्तराखंड में पिछले कुछ समय से लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। औसतन 500 लोगों में रोजाना कोरोना की पुष्टि हो रही है। इसी को देखते हुए देहरादून में रविवार को बंदी की भी व्यवस्था की गई है।
READ MOREउत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की कितनी संभवनाएं हैं, इसका अंदाज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछले साल किए गए सर्वे में साहसिक पर्यटन में उत्तराखंड ने गोवा और केरल को भी पीछे छोड़ दिया था। पर्यटन मंत्रालय ने ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन की राजधानी घोषित किया था। ऐसे एक नहीं कई गांव और शहर हैं, जो उत्तराखंड का नाम पूरी दुनिया में फैला सकते हैं। इससे सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही, लोगों के रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
READ MOREजिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल ने कहा कि बासा होम स्टे में कार्य करने वाले कर्मचारी पर्यटकों की जिज्ञासा अनुरूप जॉय हुकिल को आमंत्रित कर उनके साहसिक कार्य से रूबरू कराएंगे। हुकिल क्षेत्र के अन्य जीव जंतुओं के बारे में भी जानकारी देंगे। जॉय हुकिल उत्तराखंड में अब तक 38 आदमखोरों का शिकार कर चुके हैं।
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गरतांग गली की ये सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है और इंसान की ऐसी कारीगरी और हिम्मत की मिसाल देश के किसी भी अन्य हिस्से में देखने के लिए नहीं मिलती। पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था।
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उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। औसतन 500 लोगों में रोजाना कोरोना की पुष्टि हो रही है। इसी को देखते हुए देहरादून में रविवार को बंदी की भी व्यवस्था की गई है।
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