[fvplayer id=”10″]
सूर्यधार झील आने वाले समय में वन्य जीवन प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। झील में वोटिंग के साथ साथ बर्ड वाचिंग और ट्रेकिंग का भी आनंद लिया जा सकेगा। भोगपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस झील को लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में तैयार किया गया है।
READ MOREअगर आपके पास कुछ करने का जज्बा हो तो बड़ी लकीर कैसे खींची जा सकती है, यह इस समय उत्तराखंड के पौड़ी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां के जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल के प्रयासों से पर्यटन के मानचित्र में पौड़ी बड़े स्वरूप में उभरने वाला है। नई पीढ़ी के टूरिस्टों के लिए कंडोलिया थीम पार्क एक बेहतरीन आइडिया है तो पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए हैरिटेल स्ट्रीट बेजोड़ विचार है।
READ MOREबर्फ से ढके पहाड़, जंगल, गांव का रहन-सहन, देसी भोजन, सुकून की नींद… गांववालों के लिए शायद यह रोज की बात हो सकती है, पर शहरों में रहने वालों के लिए यह दुर्लभ है। ऐसे में आपाधापी से दूर सुकून के पल ढूंढने के लिए पर्यटक पहाड़ों का रुख करते हैं। ऐसे में आज हम आपको ऐसी खास जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां एक ही छत के नीचे आपको गढ़वाली परंपरा के बीच क्वॉलिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा और सबसे खास होगा ‘आदमखोर’ को मारने के हैरतअंगेज किस्से। ये जगह है बासा होमस्टे।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

सूर्यधार झील आने वाले समय में वन्य जीवन प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। झील में वोटिंग के साथ साथ बर्ड वाचिंग और ट्रेकिंग का भी आनंद लिया जा सकेगा। भोगपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस झील को लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में तैयार किया गया है।
READ MORE
अगर आपके पास कुछ करने का जज्बा हो तो बड़ी लकीर कैसे खींची जा सकती है, यह इस समय उत्तराखंड के पौड़ी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां के जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल के प्रयासों से पर्यटन के मानचित्र में पौड़ी बड़े स्वरूप में उभरने वाला है। नई पीढ़ी के टूरिस्टों के लिए कंडोलिया थीम पार्क एक बेहतरीन आइडिया है तो पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए हैरिटेल स्ट्रीट बेजोड़ विचार है।
READ MORE