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#Chamoli आपदा: सैलाब गुजर गया, पीछे छूटे रूह कंपा देने वाले तबाही के निशान

राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया है कि रविवार रात तक उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना में 7 लोगों की मौत हुई है, 6 लोग घायल और लगभग 170 लोग लापता हैं। IG NDRF ने कहा है कि विभिन्न एंजेसियां काम कर रही हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। जो लोग सुरंग के बाहर फंसे थे उन्हें ITBP द्वारा सुरक्षित निकाला गया है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने के बाद आया सैलाब तो गुजर गया, पर अपने पीछे रूह कंपा देने वाले तबाही के निशान छोड़ गया। पानी के साथ आए मलबे में दफन लोग हों या सुरंग में घंटो फंसे रहने के बाद मौत के मुंह से बाहर आए लोग, खौफ साफ दिख रहा था। जिसने भी उफनाए सैलाब का नजारा देखा सहम गया। हालांकि इस बीच जिंदगियां बचाने के लिए देवदूतों का हौसला दिखा। यह फौलादी जवान ही हैं जिनके दम पर उम्मीदें कायम हैं कि चमत्कार होगा और जो लापता हैं वे अपनों से फिर मिल पाएंगे।

 

आइए देखते हैं रविवार को चमोली आपदा की ऐसी ही कुछ तस्वीरें जो खुद अपनी कहानी बयां कर रही हैं।

1- उत्तराखंड आपदा 2021 की वह तस्वीर, जिसे कोई भी याद नहीं करना चाहेगा। जिसने भी हरहराते पानी के प्रलय मचाने का वीडियो देखा तो भीतर से हिल गया।

 

 

 

2- सुरंग में काम चल रहा था, अचानक मौत आई बाढ़ ने उन्हें मलबे से ढक दिया। ऐसे में बहादुर जवानों ने मोर्चा संभाला और फिर शुरू हुआ जिंदगियां बचाने का अभियान।

 

3- सुरंग की यह तस्वीर ही बता रही है कि इस मलबे में जो दब गए उनका क्या हाल रहा होगा। यह जवानों के बुलंद इरादे से किए गए प्रयासों का ही नतीजा था कि ITBP के जवान रविवार शाम 16 लोगों को मौत के मुंह से खींच लाए। जो बाहर सुरक्षित निकले तो उनके मुंह पर एक ही नाम था- जय बद्री विशाल।

 

4- वह नजारा देखिए, शायद आपने फिल्मों में देखा होगा। नई जिंदगी मिलना किसे कहते है यह वीडियो देखकर पता चलता है।

 

5- सुरंग से मलबा हटाने और सामान पहुंचाने के लिए कुछ इस तरह से हुआ काम।

6- समय हाथ में रेत की तरह फिसलता जा रहा था तो जेसीबी मशीनों और दूसरे आधुनिक उपकरण तैनात किए गए।

 

7- इसके बाद जो लोग बचे उन्हें फौरन प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। कुछ बेसुध हालत में थे उन्हें अस्पताल भेजा गया।

8- जब ग्लेशियर टूटने की सूचना पर पहुंची SDRF की टीम तो देखिए कैसा था वहां का नजारा।

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Hill Mail

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