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अफवाह में न पड़ें! दूध, दवा या खाने-पीने की कोई कमी नहीं

uttarakhand government ready to fight with corona

उत्तराखंड समेत पूरे देश में कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से इससे निपटने के प्रयास हो रहे हैं तो वहीं लोगों में एक अजीब सी अफवाह भी फैल रही है। कुछ लोग सरकार के फैसलों, उपायों, कुछ शहरों में धारा 144 लागू होने और एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ घंटों के लिए जनता कर्फ्यू की अपील करने के बाद बाद यह आशंका घर कर गई है कि सब कुछ बंद होने वाला है और इसके लिए सामान पहले से ही जुटा लिए जाएं। हालांकि यह सब झूठी बातें हैं। सरकार की हर अपील जनता के हित में ध्यान में रखकर की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम में खुद लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए जरूरी ऐसी आवश्यक चीजों की कमी न हो, इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके बाद प्रदेश की जनता को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी आश्वस्त किया कि किसी चीज की कमी नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह जरूरी है। हमें अपने परिचितों से भी सहयोग का आग्रह करना चाहिए।

सीएम रावत ने कहा कि हमें आपका केवल सहयोग चाहिए, घबराएं नहीं, केवल सावधान रहें और सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें। कुछ दिनों के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और प्रामाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

उत्तराखंड के 91 निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक सामग्री व छिड़काव के लिए संक्रमण रोधी दवाए, स्प्रे मशीन, मास्क, सैनिटाइजर जन जागरूकता सामग्री के लिए आने वाले 15 दिनों के लिए पूरी तरह से तैयारी करें।

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