उत्तराखंड के ग्रीन जोन में स्थित उत्तरकाशी जिले में एक कोरोना मरीज (corona in Uttarkashi) के मिलने से हड़कंप मच गया है। इस युवक के बारे में बताया गया है कि वह गुजरात के सूरत शहर से अपनी बाइक से ही उत्तरकाशी चल पड़ा था। 7 मई को उसे जिला बॉर्डर पर रोका गया और डॉक्टरों से चेकअप कराने को कहा गया।
अच्छी बात यह है कि डॉक्टरों की टीम ने उसे तुरंत 7 तारीख को ही आइसोलेट कर दिया था। 8 मई को उसका सैंपल लेकर ऋषिकेश जांच के लिए भेजा गया और देर रात उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। माना जा रहा है कि रास्ते में वह कोरोना से संक्रमित हो गया होगा। गनीमत यह रही कि यह शख्स उत्तराखंड पहुंचने के बाद किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में नहीं आया वरना कई और लोगों को संक्रमण हो सकता था।
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यह युवक करीब 3-4 लोगों के साथ सूरत से चला था पर उन लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है। दो बाइक पर ये चार लोग सूरत से चले थे। हो सकता है कि बाकी लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई न दिए हों। हालांकि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वह कोई भी अनुमान नहीं लगा रहे, युवक की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री पता लगाई जा रही है। आपको बता दें कि उत्तरकाशी जिले में कोरोना का यह पहला मामला है। अब प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 68 पहुंच गई है।
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राहत की बात यह है कि कुल 46 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। एक दिन पहले हिल मेल के ‘ई-रैबार’ कार्यक्रम में लाइव जुड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया था कि हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड आ रहे प्रत्येक प्रवासी को जांच और क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद अपने परिवार से मिलने दिया जाए। पूरा प्रयास इस संक्रमण को फैलने के रोकने पर है। अभी तक राज्य सरकार काफी सफल रही है।
आपको बता दें कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोगों का अपने गांवों की ओर पलायन जारी है। प्रदेश सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि अन्य राज्यों से अब तक कुल 23,974 फंसे हुए प्रवासियों को वापस उत्तराखंड लाया जा चुका है। उधर, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैक्सीन नहीं बनती है तब तक लोगों को कोरोना से संबंधित एहतियात बरतते हुए जीने की आदत डालनी पड़ेगी।


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