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80 साल की दादी 10 किमी पैदल चलकर आई और देश के नाम कर दी सारी बचत

बॉर्डर पर जब दुश्मन ने हिमाकत की तो पति ने देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी और दशकों बाद जब देश पर कोरोना के रूप में आफत आई है तो उत्तराखंड की 80 साल की दादी ने ऐसा कदम उठाया जो पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुका है। आज पूरा देश उन्हें सलाम कर रहा है।

कोरोना संकट ने देश के हर आम और खास शख्स को प्रभावित किया है। पूरा देश इस जंग को लड़ रहा है। जिससे जो बन रहा है, वह आर्थिक मदद भी कर रहा है लेकिन उत्तराखंड की 80 साल की दादी ने जो किया, वह सबके लिए प्रेरणा है। उत्तराखंड के अगस्तमुनि की रहने वाली दर्शनी देवी की कोई औलाद नहीं है। पति 1965 की लड़ाई में दुश्मन से लड़ते हुए शहीद हो गए थे और जब देश पर कोरोना के रूप में संकट आया तो पत्नी ने भी वही जज्बा दिखाते हुए अपनी सारी बचत देश के नाम कर दी ताकि इस राशि से लोगों की जिंदगियां बचाई जा सके।

दर्शनी देवी रुद्रप्रयाग जिले के विकासखंड अगस्त्य मुनि की डोभा-डडोली गांव की रहने वाली हैं। उनके घर से बैंक की दूरी करीब 10 किमी है। पीएम केयर्स फंड में अपना योगदान करने के लिए वह पैदल ही पहुंचीं। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में PM Cares Fund के नाम से दो लाख रुपये का ड्राफ्ट बनवाया।

पढ़ें- सीएम रावत ने लॉन्च किया ‘Hope’, समझें रोजगार में कैसे फायदा

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के माध्यम से धनराशि को दान किया। नगर पालिका के ईओ हरेंद्र चौहान ने दादी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। आपको बता दें कि दर्शनी देवी के पति 1965 में भारत-पाकिस्तान की लड़ाई में शहीद हो गए थे। उनके पति की शहादत को उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश नमन करता रहा है। अब उनके इस कदम की हर ओर तारीफ हो रही है। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने क्या सोचकर पैसा दान करने के बारे में सोचा तो उन्होंने कहा कि कई लोग सरकारों को पैसे दे रहे हैं जिससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में व्यवस्थाएं और ठीक हो सकें। ऐसे में मैंने सोचा कि इस पैसे की ज्यादा जरूरत देश को है।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी किया सलाम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने दर्शनी देवी रौथाण के योगदान का जिक्र करते हुए कहा, कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए पीएम केयर्स फंड/ मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदेश वासियों द्वारा खुले दिल से सहयोग किया जा रहा है। राहत कोष में अपना योगदान देते युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। प्रदेश की वीर नारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ ही कई ऐसी भी हस्तियां इसमें शामिल है जिन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी ही इस बीमारी की रोकथाम के लिए समर्पित की है। इसी क्रम में वृद्ध माता श्रीमती दर्शनी देवी रौथाण जी ने पीएम केयर्स फंड में ₹2 लाख दान किए।अगस्त्यमुनि विकासखंड की ग्राम पंचायत डोभा निवासिनी श्रीमती दर्शनी देवी रौथाण जी ने पीएम केयर्स फंड में ₹2 लाख का ड्राफ्ट सौंपा है। श्रीमती दर्शनी देवी रौथाण जी के पति स्व० कबोत्र सिंह जी भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे जो 1965 में शहीद हो गये। जनसेवा का भाव रखने वाली दर्शनी देवी जी के जज्बे को मेरा सलाम। पूर्व में भी इस कोष में जनपद चमोली की गौचर निवासी श्रीमती देवकी भंडारी जी ने अपने नाम को चरितार्थ करते हुए पीएम केयर्स फंड में ₹10 लाख का सहयोग दिया जो स्वयं किराये के मकान में रहकर पेंशन की धनराशि से जीवन यापन कर रही हैं। इसी तरह बुजुर्ग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री साधु सिंह बिष्ट जी भी इसमें सहयोगी बने हैं। यह निःसन्देह निस्वार्थ भाव से अपना सब कुछ त्याग एवं दान देने की हमारी मानवीय संस्कृति को पुर्नजीवित करती है। आपके इस त्याग और दानशीलता की सद्धभावना के लिए मैं अपने हृदय की गहराइयों से आपका आभार प्रकट करते हुए आपको शत-शत नमन करता हूं।

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